Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: जेन-Z आंदोलन से सत्ता तक आरएसपी… नई सरकार बनने के बाद भारत-नेपाल रिश्तों में क्या बदल सकता है?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > फीचर > जेन-Z आंदोलन से सत्ता तक आरएसपी… नई सरकार बनने के बाद भारत-नेपाल रिश्तों में क्या बदल सकता है?
फीचर

जेन-Z आंदोलन से सत्ता तक आरएसपी… नई सरकार बनने के बाद भारत-नेपाल रिश्तों में क्या बदल सकता है?

Gopal Singh
Last updated: March 11, 2026 2:49 pm
Gopal Singh
Share
SHARE

नेपाल की राजनीति में 5 मार्च 2026 के आम चुनावों ने ऐसा मोड़ ला दिया है, जिसे कई विश्लेषक “राजनीतिक भूकंप” कह रहे हैं। लंबे समय से देश की राजनीति पर काबिज पारंपरिक दलों को इस बार जनता, खासकर युवाओं ने लगभग पूरी तरह खारिज कर दिया। नई और अपेक्षाकृत युवा पार्टी Rastriya Swatantra Party ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए सत्ता के केंद्र तक अपनी पहुंच बना ली है। इस चुनाव का सबसे बड़ा चेहरा बने हैं 35 वर्षीय रैपर-से-राजनेता Balen Shah, जिन्होंने नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री K. P. Sharma Oli को उनके ही गढ़ झापा-5 में भारी मतों से हराकर देश की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत दे दिया है।

Contents
चुनाव परिणाम: आरएसपी की लैंडस्लाइड जीतझापा-5 में ऐतिहासिक मुकाबलारैपर से नेता तक बालेन की यात्राआरएसपी: जेन-Z आंदोलन की राजनीतिक अभिव्यक्तिमेयर के रूप में बालेन: उपलब्धियां और विवादभारत-नेपाल संबंधों पर संभावित असरआगे की चुनौतियांयुवा क्रांति का नया अध्याय

यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि उस असंतोष का परिणाम है जो 2025 में उभरे जेन-जेड आंदोलन के दौरान सड़कों पर दिखाई दिया था। भ्रष्टाचार, वंशवादी राजनीति और पुरानी शैली की सत्ता के खिलाफ युवाओं का गुस्सा इस चुनाव में साफ दिखा।

चुनाव परिणाम: आरएसपी की लैंडस्लाइड जीत

नेपाल की संसद, यानी House of Representatives of Nepal में कुल 275 सीटें हैं। इनमें बहुमत के लिए 138 सीटों की जरूरत होती है। प्रारंभिक नतीजों में आरएसपी ने 107 सीटें जीत लीं और लगभग 18 सीटों पर बढ़त बना ली। इसका मतलब यह है कि पार्टी 110 से ज्यादा सीटों के आंकड़े की ओर बढ़ रही है और पूर्ण बहुमत के करीब पहुंच चुकी है।

इसके विपरीत, कभी सत्ता के केंद्र में रहने वाली Nepali Congress को केवल 10-16 सीटों पर सिमटना पड़ा। वहीं Communist Party of Nepal (Unified Marxist–Leninist) को सिर्फ 3-7 सीटें मिलने का अनुमान है। यह नतीजे बताते हैं कि मतदाताओं ने पारंपरिक दलों को लगभग नकार दिया है।

काठमांडू, पर्सा और कई शहरी इलाकों में आरएसपी का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा। इस चुनाव में लगभग 60% मतदान हुआ, लेकिन खास बात यह रही कि 18 से 35 वर्ष के युवा मतदाताओं की भागीदारी 75% से ज्यादा रही। यही युवा लहर इस चुनाव का निर्णायक कारक बनी।

झापा-5 में ऐतिहासिक मुकाबला

इस चुनाव की सबसे चर्चित लड़ाई झापा-5 सीट पर हुई। यह सीट वर्षों से के.पी. शर्मा ओली का गढ़ मानी जाती थी। लेकिन इस बार परिणाम बिल्कुल अलग निकला। बालेन शाह को 68,000 से अधिक वोट मिले, जबकि ओली लगभग 18,000 वोटों तक ही सीमित रह गए। करीब 50,000 वोटों के अंतर से मिली यह जीत ओली के राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा झटका मानी जा रही है।

ओली नेपाल की राजनीति में दशकों से प्रभावशाली नेता रहे हैं। 2015 से 2021 के बीच प्रधानमंत्री रहते हुए उनका भारत के साथ संबंध कई बार तनावपूर्ण रहा, खासकर कालापानी सीमा विवाद के दौरान। लेकिन इस चुनाव में जनता ने अनुभव के बजाय बदलाव को चुना।

रैपर से नेता तक बालेन की यात्रा

Balen Shah का सफर भी अपने आप में दिलचस्प है। 27 अप्रैल 1990 को जन्मे बालेन पेशे से स्ट्रक्चरल इंजीनियर रहे हैं और युवाओं के बीच एक लोकप्रिय रैपर के रूप में भी जाने जाते थे। उन्होंने 2021 में काठमांडू मेयर का चुनाव जीतकर राजनीति में प्रवेश किया।

मेयर बनने के बाद उन्होंने प्रशासनिक सुधारों और शहर की सफाई जैसे मुद्दों पर काफी आक्रामक कदम उठाए। सोशल मीडिया के जरिए जनता से सीधा संवाद उनकी खास पहचान बन गया। यही शैली बाद में राष्ट्रीय राजनीति में भी उनके लिए फायदेमंद साबित हुई।

2025 में जब युवाओं ने भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ आंदोलन शुरू किया, तो बालेन उस आंदोलन के सबसे बड़े चेहरे बनकर उभरे। उनका नारा था—“अच्छा शासन, पारदर्शी शासन।”

आरएसपी: जेन-Z आंदोलन की राजनीतिक अभिव्यक्ति

Rastriya Swatantra Party की स्थापना 2022 में पूर्व पत्रकार Rabi Lamichhane ने की थी। पार्टी का मुख्य एजेंडा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई, डिजिटल गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधार था।

2025 के जेन-जेड आंदोलन ने इस पार्टी को बड़ा राजनीतिक मंच दिया। बेरोजगारी, महंगाई और विदेशी प्रभाव जैसे मुद्दों पर युवाओं ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए। उसी आंदोलन के बाद ओली सरकार गिर गई और देश में समय से पहले चुनाव कराने पड़े।

हालांकि पार्टी के कुछ नेताओं पर विवाद भी रहे। रबी लामिछाने पर सहकारी घोटाले से जुड़े आरोप लगे थे, लेकिन युवा मतदाताओं ने इन्हें ज्यादा महत्व नहीं दिया और बदलाव के नाम पर पार्टी को समर्थन दिया।

मेयर के रूप में बालेन: उपलब्धियां और विवाद

काठमांडू के मेयर के रूप में बालेन का कार्यकाल काफी चर्चा में रहा। उन्होंने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान चलाया, हजारों अवैध दुकानों को हटाया और शहर की सड़कों और कचरा प्रबंधन प्रणाली में सुधार किया।

लेकिन उनकी कार्यशैली हमेशा विवादों से दूर नहीं रही। कई बार उन्होंने राजनीतिक दलों और नेताओं पर सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणियां कीं। 2023 में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान व्यापारियों ने विरोध भी किया। बावजूद इसके, युवाओं के बीच उनकी छवि एक ईमानदार और निर्भीक नेता की बनी रही।

भारत-नेपाल संबंधों पर संभावित असर

नई सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल विदेश नीति का होगा। भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और लगभग 70% व्यापार भारत के साथ होता है। ऐसे में नई सरकार को संतुलन बनाना होगा।

बालेन ने चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रीय मुद्दों, खासकर कालापानी सीमा विवाद पर सख्त रुख दिखाया। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से बहुत गहरे हैं।

भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने चुनाव परिणामों का स्वागत करते हुए दोनों देशों के बीच विकास साझेदारी को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई है। विश्लेषकों का मानना है कि नई सरकार भारत और चीन के बीच संतुलित विदेश नीति अपनाने की कोशिश करेगी।

आगे की चुनौतियां

आरएसपी की जीत के बावजूद चुनौतियां कम नहीं हैं। नेपाल में युवा बेरोजगारी लगभग 25% के आसपास बताई जाती है। महंगाई और आर्थिक विकास की धीमी रफ्तार भी सरकार के सामने बड़ी चुनौती होगी।

अगर बालेन प्रधानमंत्री बनते हैं तो उनका फोकस डिजिटल अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर रहने की उम्मीद है।

युवा क्रांति का नया अध्याय

नेपाल के इस चुनाव ने एक बड़ा संदेश दिया है—जब युवा राजनीति में सक्रिय होते हैं तो सत्ता की दिशा बदल सकती है। रैपर से संभावित प्रधानमंत्री तक बालेन शाह का सफर उसी बदलाव का प्रतीक बन गया है।

अब दुनिया की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह नई पीढ़ी की सरकार सचमुच वह बदलाव ला पाएगी जिसकी उम्मीद युवाओं ने की है। अगर ऐसा हुआ, तो नेपाल की राजनीति में यह चुनाव आने वाले वर्षों तक एक ऐतिहासिक मोड़ के रूप में याद किया जाएगा।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Balen Shah, Gen Z Movement Nepal, Himalayan Geopolitics, India Nepal Relations, Kathmandu Politics, kp sharma oli, nepal election 2026, Nepal Parliament Results, nepal political change, Nepal Politics, rastriya swatantra party, Ravi Lamichhane, South Asia Politics, Youth Politics Nepal
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article क्या AI सच में नौकरियां खत्म कर देगा? नई स्टडी में बड़ा खुलासा, इन तरह के पेशों पर अभी भी कोई आंच नहीं
Next Article बिहार राजनीति में नई एंट्री: नीतीश के बेटे निशांत कुमार बने जेडीयू के सक्रिय सदस्य

फीचर

View More

Success Story : किसान के बेटे पृथ्वी संघानी ने रचा इतिहास, ऑटोपायलट सिस्टम से भारत की अंतरिक्ष उड़ान को दी नई दिशा

नई दिल्ली । भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' (Vikram-1) की ऐतिहासिक सफलता के पीछे कई ऐसे अनाम नायकों…

By news desk 4 Min Read

National Flag Day 2026: क्यों बदला गया तिरंगे में चरखा? 22 जुलाई के ऐतिहासिक फैसले की पूरी कहानी

आज ही के दिन, 22 जुलाई 1947 को भारत की संविधान सभा…

3 Min Read

इश्क के जज्बात को अल्फाज देने वाले जादूगर ने कभी की थी सेना की नौकरी….दौर बदल गए लेकिन आज भी आनंद बख्शी का लिखा गुनगुनाता है दिल

"मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू" – आराधना (1969) एक हसीना…

7 Min Read

विचार

View More

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की दस्तक हो चुकी है।…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

You Might Also Like

Trending Newsफीचर

Success Story : किसान के बेटे पृथ्वी संघानी ने रचा इतिहास, ऑटोपायलट सिस्टम से भारत की अंतरिक्ष उड़ान को दी नई दिशा

नई दिल्ली । भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' (Vikram-1) की ऐतिहासिक सफलता के पीछे कई ऐसे अनाम नायकों…

4 Min Read
Trending Newsफीचर

National Flag Day 2026: क्यों बदला गया तिरंगे में चरखा? 22 जुलाई के ऐतिहासिक फैसले की पूरी कहानी

आज ही के दिन, 22 जुलाई 1947 को भारत की संविधान सभा ने तिरंगे को स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज…

3 Min Read
Trending Newsफीचर

इश्क के जज्बात को अल्फाज देने वाले जादूगर ने कभी की थी सेना की नौकरी….दौर बदल गए लेकिन आज भी आनंद बख्शी का लिखा गुनगुनाता है दिल

"मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू" – आराधना (1969) एक हसीना थी, एक दीवाना था" – कर्ज़ (1980) सोलह…

7 Min Read
Latest Newsफीचर

मानसून में जन्नत से कम नहीं पश्चिम बंगाल की ये 5 ऑफबीट जगहें, हरियाली, झील, पहाड़ और समुद्र बना देंगे ट्रिप यादगार

कोलकाता: बारिश का मौसम आते ही प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत रंगों में नजर आने लगती है। चारों ओर फैली हरियाली,…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?