लखनऊ में आज सुबह एक बड़ा हवाई हादसा होते-होते टल गया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya जिस हेलिकॉप्टर से कौशांबी जा रहे थे, उसमें अचानक गंभीर तकनीकी खराबी आ गई। उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद केबिन में धुआं भरने लगा, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
हालांकि पायलट की सूझबूझ और तेजी से लिए गए फैसले की वजह से हेलिकॉप्टर की लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करा दी गई और सभी लोग बाल-बाल बच गए।
उड़ान के 30 मिनट बाद बिगड़ी स्थिति
जानकारी के मुताबिक डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सुबह करीब 10:45 बजे ला मार्टिनियर ग्राउंड से हेलिकॉप्टर से रवाना हुए थे। उनका कार्यक्रम कौशांबी में था।
लेकिन उड़ान के करीब 30 मिनट बाद जब हेलिकॉप्टर बछरावां इलाके के ऊपर पहुंचा, तभी अचानक उसके डिस्प्ले सिस्टम बंद हो गए और केबिन में घना धुआं भरने लगा।
स्थिति गंभीर होते देख पायलट ने तुरंत लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी। इसके बाद करीब 11:15 बजे अमौसी एयरपोर्ट पर हेलिकॉप्टर को सुरक्षित उतार लिया गया।
एयरपोर्ट पर पहले से फायर ब्रिगेड और सुरक्षा टीमें अलर्ट पर थीं। हेलिकॉप्टर से उतरने के बाद डिप्टी सीएम समेत सभी 6 लोग पूरी तरह सुरक्षित पाए गए और किसी को चोट नहीं आई।
अजित पवार हादसे के बाद बढ़ी चिंता
यह घटना ऐसे समय हुई है जब कुछ समय पहले ही महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar की एक विमान हादसे में मौत हो चुकी है।
बताया जाता है कि 28 जनवरी 2026 को बारामती में लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड Learjet 45 क्रैश हो गया था, जिसमें उनके साथ कुल 5 लोगों की जान चली गई थी।
उस हादसे के बाद से ही नेताओं की हवाई यात्रा और चार्टर्ड विमान-हेलिकॉप्टर की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब लखनऊ की इस घटना ने उन चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
सड़क मार्ग से कौशांबी पहुंचे डिप्टी सीएम
डिप्टी सीएम कार्यालय की तरफ से बताया गया कि घटना के बाद केशव प्रसाद मौर्य सड़क मार्ग से कौशांबी के लिए रवाना हो गए, जहां उनका कार्यक्रम पहले से तय था।
फिलहाल तकनीकी टीम हेलिकॉप्टर की पूरी जांच कर रही है कि आखिर धुआं भरने और सिस्टम फेल होने की वजह क्या थी।
साथ ही राज्य सरकार ने भी हेलिकॉप्टर फ्लीट की सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।