ग्लोबल सनसनी बन चुके ‘जेफ्री एपस्टीन फाइल्स’ के नए खुलासों ने भारतीय गलियारों में हलचल तेज कर दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन सीक्रेट पेपर्स में रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी का नाम कई ऐसी जगहों पर आया है जो अब विवादों के घेरे में हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला केवल पहचान का नहीं, बल्कि हाई-प्रोफाइल लॉबिंग और ‘संदिग्ध ऑफर्स’ का है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एपस्टीन की फाइलों में अनिल अंबानी को लेकर एक बेहद अजीब चैट मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, एपस्टीन ने कथित तौर पर अंबानी को एक “Tall Swedish Blonde” (लंबी स्वीडिश गोरी लड़की) का ऑफर दिया था। रिपोर्ट्स इशारा करती हैं कि पावरफुल लोगों को ‘हनी-ट्रैप’ जैसे आकर्षण से मैनिपुलेट करना एपस्टीन का सिग्नेचर स्टाइल था। इन खुलासों ने अब रसूखदारों के उस पुराने गठजोड़ की पोल खोलनी शुरू कर दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, अंबानी ने कथित तौर पर एपस्टीन के जरिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबियों, जैसे जारेड कुशनर और स्टीव बैनन, तक पहुंच बनाने की कोशिश की थी।
रिपोर्ट्स बताती है की, 23 मई 2019 (लोकसभा चुनाव नतीजों से 1 दिन पहले) को एपस्टीन ने स्टीव बैनन को मैसेज किया था कि वो “प्रधानमंत्री मोदी के करीबी व्यक्ति” (अंबानी) के साथ बैठा है।
एपस्टीन के लॉग्स के हवाले से बताया कि अनिल अंबानी ने न्यूयॉर्क स्थित एपस्टीन के प्राइवेट टाउनहाउस में कई बार मुलाकातें की थीं। इन मीटिंग्स में कथित तौर पर डिफेंस डील्स और रणनीतिक रिश्तों पर चर्चा होने का दावा किया गया है।
किसने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने इन रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार के हवाले से इसे “एक अपराधी की आधारहीन बकवास” करार दिया गया है और कहा गया है कि इसका भारत की आधिकारिक नीतियों से कोई लेना-देना नहीं है।
फिलहाल मीडिया पोर्टल्स के अनुसार, इस पूरे मामले पर अनिल अंबानी या उनके ग्रुप की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया या आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है।