‘ट्विलाइट’ की बेला यानी हम सबकी चहेती क्रिस्टन स्टीवर्ट इन दिनों काफी ‘नो-फिल्टर’ मोड में हैं। अपनी अपकमिंग फिल्म ‘The Chronology of Water’ के साथ बतौर डायरेक्टर डेब्यू करने वाली क्रिस्टन ने हॉलीवुड के ‘ग्लैमरस’ पर्दे के पीछे का कड़वा सच दुनिया के सामने रख दिया है।
क्रिस्टन का कहना है कि अगर आप हॉलीवुड में एक एक्ट्रेस हैं, तो आपको अक्सर एक ‘कठपुतली’ यानि पपेट की तरह ट्रीट किया जाता है।
डायरेक्टर बनते ही बदल गई दुनिया
क्रिस्टन ने एक इंटरव्यू में अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि जब वो एक्टिंग करती थीं, तो लोग उन्हें सीरियसली से नहीं लेते थे। लेकिन जैसे ही उन्होंने डायरेक्टर की कुर्सी संभाली, लोगों का बर्ताव रातों-रात बदल गया। क्रिस्टन ने बताया की, “पहली बार जब मैं अपनी फिल्म को लेकर मीटिंग्स में बैठी, तो लोगों ने मुझसे ऐसे बात की जैसे मेरे पास वाकई में दिमाग हो।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इंडस्ट्री में निर्देशकों को ‘भगवान’ जैसा दिखाने का जो मिथ है, उसे पुरुषों ने खुद को महान दिखाने के लिए बनाया है।

कान्स में बजा डंका!
भले ही क्रिस्टन इंडस्ट्री के सिस्टम से नाराज हों, लेकिन उनकी फिल्म ‘The Chronology of Water’ ने धमाका कर दिया है। कान्स फिल्म फेस्टिवल में जब इस फिल्म की स्क्रीनिंग हुई, तो ऑडियंस ने 6 मिनट तक स्टैंडिंग ओवेसन में तालिया बजाईं। फिल्म में लीड रोल निभा रहीं इमोजेन पूट्स की परफॉर्मेंस को क्रिस्टन ने ‘अन-बिलीवेबल’ बताया है।

क्रिस्टन स्टीवर्ट अब सिर्फ स्क्रीन पर दिखने वाली एक सुंदर चेहरा नहीं रहना चाहतीं। वो अपनी शर्तों पर फिल्में बनाना चाहती हैं और हॉलीवुड के इस ‘पपेट कल्चर’ को जड़ से उखाड़ना चाहती हैं।