Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: मकर संक्रांति और माघ एकादशी पर प्रयागराज–हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, घाटों पर भारी भीड़
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > मकर संक्रांति और माघ एकादशी पर प्रयागराज–हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, घाटों पर भारी भीड़
Trending Newsराज्य

मकर संक्रांति और माघ एकादशी पर प्रयागराज–हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, घाटों पर भारी भीड़

news desk
Last updated: January 14, 2026 10:29 am
news desk
Share
SHARE

लखनऊ। मकर संक्रांति और माघ एकादशी के पावन अवसर पर बुधवार सुबह यूपी के प्रयागराज और हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज़ से आए भक्त प्रयागराज के संगम तट पर पवित्र स्नान करने पहुंचे, वहीं हरिद्वार की हर की पौड़ी पर भी आस्था का सैलाब देखने को मिला।

हिंदू धर्म में मकर संक्रांति और माघ एकादशी पर स्नान को विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्नान करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। घाटों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष रूट डायवर्जन लागू किया गया है, जिससे जाम की स्थिति से बचा जा सके।

मकर संक्रांति को स्नान, दान और सूर्य उपासना का महापर्व माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान, तिल-गुड़ का सेवन, दान-दक्षिणा और पुण्य कर्मों का विशेष महत्व होता है।
मकर संक्रांति हिंदू धर्म का एक ऐसा पर्व है जो किसी तिथि नहीं, बल्कि सूर्य की चाल पर आधारित होता है। जब सूर्य का प्रवेश धनु राशि से निकलकर मकर राशि में होता है, उसी क्षण मकर संक्रांति मानी जाती है। यही वजह है कि यह पर्व हर साल लगभग 14 या 15 जनवरी को ही पड़ता है। इस दिन से सूर्य उत्तरायण होते हैं और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवताओं का दिन शुरू होता है।

मकर संक्रांति को स्नान, दान और सूर्य उपासना का महापर्व माना जाता है। इस दिन गंगा स्नान, तिल-गुड़ का सेवन, दान-दक्षिणा और पुण्य कर्मों का विशेष महत्व होता है। लेकिन साल 2026 में यही पर्व तारीख को लेकर उलझ गया है, 14 जनवरी या 15 जनवरी?

इस भ्रम की सबसे बड़ी वजह है सूर्य का मकर राशि में रात के समय प्रवेश करना। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार सूर्य देव 14 जनवरी की रात करीब 9 बजकर 13 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। यह प्रवेश सूर्यास्त के बाद हो रहा है, इसलिए उदया तिथि के नियम के अनुसार कई विद्वान अगले दिन यानी 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाने की बात कर रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर, द्रिक पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति का पुण्यकाल 14 जनवरी को ही दोपहर 3 बजकर 13 मिनट से शुरू हो रहा है, जो शाम 5 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इसी आधार पर पंचांग मानने वाले 14 जनवरी को ही स्नान-दान को उचित मानते हैं। पंचांग के अनुसार संक्रांति के बाद 40 घटी यानी लगभग 16 घंटे तक पुण्य कर्म किए जा सकते हैं।इस विवाद को और बढ़ा रहा है षटतिला एकादशी का संयोग। 14 जनवरी को षटतिला एकादशी होने के कारण कई ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि इस दिन अन्न दान वर्जित है, जबकि मकर संक्रांति पर दान सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है। इसी वजह से 15 जनवरी को पर्व मनाने की सलाह दी जा रही है।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, सूर्य किसी राशि में अचानक प्रवेश नहीं करता, बल्कि उसका संचरण होता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार संक्रांति से पहले और बाद के कई घंटों को पुण्यकाल माना गया है, जो 15 जनवरी के मध्यान तक फैल सकता है। मकर संक्रांति पर तिल-गुड़, खिचड़ी, अनाज, घी, शहद, गर्म कपड़े और कंबल का दान विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है कि तिल से पापों का नाश होता है और गुड़ से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Ganga Snan, Har Ki Pauri crowd, Haridwar Har Ki Pauri, Haridwar News, Hindu, Magh Ekadashi, Magh Ekadashi Snan, Makar Sankranti 2026, Makar Sankranti Snan, Prayagraj News, Prayagraj Sangam Snan, religious bathing, Sangam Ghat Prayagraj
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article लखनऊ में बैंक घोटाले का खुलासा: बैंक ऑफ बड़ौदा में करोड़ों की हेराफेरी, थाने तक पहुंचा मामला
Next Article असदुद्दीन ओवैसी ने NSA डोभाल पर साधा निशाना, कहा-सुरक्षा सलाहकार का इतिहास दृष्टिकोण कमजोर

फीचर

View More

भारत का ‘पहला गांव’ माणा जहां रौद्र रूप में दिखती है सरस्वती, 25 साल पुरानी चाय की दुकान भी बनी खास पहचान; जानें इस गांव की अनसुनी कहानी

चमोली: उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है और यहां मौजूद हर इलाके की अपनी अलग पौराणिक और ऐतिहासिक पहचान है।…

By vineet verma 5 Min Read

18 साल का वो इंकलाबी, जिसकी फांसी के बाद राख चुराने की मच गई थी होड़: पढ़ें खुदीराम बोस के बलिदान की अमर गाथा

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में ऐसे कई नायक हुए हैं जिन्होंने अपनी…

6 Min Read

Jharkhand Student Protest: पिता शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर बेटे हेमंत के खिलाफ क्यों उतरे छात्र? समझिए पूरा विवाद

रांची में 10 अगस्त को हुए छात्र आंदोलन ने झारखंड की राजनीति…

8 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Trending Newsराज्य

चमोली टनल हादसे ने फिर डराया, याद आया सिल्क्यारा का वो खौफनाक मंजर; 41 श्रमिक 17 दिन तक रहे थे सुरंग में कैद

चमोली: विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार को अचानक पानी और मलबा घुसने से कई श्रमिक अंदर फंस…

6 Min Read
Trending Newsसियासी

संसद का मॉनसून सत्र हंगामों में बहा, 80% समय बाधित; राहुल गांधी बोले- मोदी की नींद उड़ा दी, बीजेपी ने बताया विपक्ष की हार

नई दिल्ली: संसद का मॉनसून सत्र शुक्रवार को भारी हंगामे और विरोध के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया।…

8 Min Read
Trending Newsराज्य

चमोली में सुरंग के भीतर अचानक आया पानी-मलबे का सैलाब, 22 मजदूर फंसे; 18 सुरक्षित बाहर, बाकी के लिए रेस्क्यू जारी

चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार शाम निर्माणाधीन सुरंग में अचानक भारी मात्रा में मलबा और पानी घुसने से…

6 Min Read
Trending Newsअन्य

AI की दुनिया में Anthropic का Claude लाया ‘इनविजिबल वॉटरमार्क’, कॉपी-पेस्ट करने पर भी नहीं मिटेगा निशान

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया लगातार तेजी से बदल रही है और इसके साथ ही AI से बनाए गए कंटेंट की…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?