Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: 90% दिव्यांगता भी नहीं रोक पाई IIT का सपना, दोस्तों से सुना था नाम… अब उसी IIT मद्रास में पढ़ेंगे जे संथोष
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Latest News > 90% दिव्यांगता भी नहीं रोक पाई IIT का सपना, दोस्तों से सुना था नाम… अब उसी IIT मद्रास में पढ़ेंगे जे संथोष
Latest Newsअन्य

90% दिव्यांगता भी नहीं रोक पाई IIT का सपना, दोस्तों से सुना था नाम… अब उसी IIT मद्रास में पढ़ेंगे जे संथोष

vineet verma
Last updated: September 4, 2026 12:35 pm
vineet verma
Share
SHARE

चेन्नई: 17 वर्षीय जे संथोष के लिए आईआईटी मद्रास कभी सिर्फ एक ऐसा नाम था, जिसके बारे में वह अपने दोस्तों से सुना करते थे। पिछले साल उनके स्कूल ने आईआईटी मद्रास की यात्रा कराई, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के कारण संथोष उसमें शामिल नहीं हो सके। दोस्तों के लौटने के बाद जब उन्होंने संस्थान के अनुभव साझा किए, तो संथोष के मन में भी वहां पढ़ने का सपना जागा। जन्म से सेरेब्रल पाल्सी और 90 प्रतिशत दिव्यांगता के बावजूद उन्होंने इस सपने को छोड़ा नहीं और अब आईआईटी मद्रास के चार वर्षीय बीएस डेटा साइंस एंड एप्लीकेशंस कार्यक्रम में दाखिला हासिल कर लिया है।

Contents
एक वीडियो से मिली आगे बढ़ने की राहदाखिले के रास्ते में भी आई अड़चनघर से पढ़ाई की सुविधा बनेगी बड़ी मदद‘आईआईटीएम फॉर ऑल’ ने बढ़ाया सहयोग का हाथमाता-पिता को देते हैं सफलता का श्रेयसूचना प्रौद्योगिकी में करियर का सपना

संथोष ने अपनी स्कूली पढ़ाई जारी रखते हुए कक्षा 12 में टॉप किया। इसके बाद उन्हें आईआईटी मद्रास के डेटा साइंस कार्यक्रम के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया और पाठ्यक्रम को समझना शुरू किया और क्वालिफायर परीक्षा की तैयारी में जुट गए। पहली कोशिश में सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। दोबारा परीक्षा दी और दूसरी कोशिश में क्वालिफायर पास कर आईआईटी मद्रास में जगह बना ली।

एक वीडियो से मिली आगे बढ़ने की राह

संथोष के लिए आईआईटी मद्रास से जुड़ा एक प्रेरक वीडियो भी अहम साबित हुआ। सोशल इनिशिएटिव्स एंड आउटरीच से जुड़े हरि कृष्णन के इस वीडियो के जरिए उन्हें ‘आईआईटीएम फॉर ऑल’ पहल और वहां उपलब्ध अवसरों के बारे में पता चला।

संथोष ने बताया कि आईआईटी मद्रास में दाखिला मिलने का एहसास उनके लिए बेहद भावुक पल था। जिस संस्थान की यात्रा पर वह कभी अपने दोस्तों के साथ नहीं जा पाए, अब उसी संस्थान से वह अपनी उच्च शिक्षा शुरू करने जा रहे हैं।

दाखिले के रास्ते में भी आई अड़चन

आईआईटी मद्रास में पहुंचने का सफर सिर्फ परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं था। आवेदन के दौरान संथोष को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान उनके परिवार की मदद करने वाली एक गैर-सरकारी संस्था ने उन्हें तमिलनाडु वॉलंटियर्स से जोड़ा।

इसके बाद हरि कृष्णन संथोष के घर पहुंचे और आवेदन प्रक्रिया में उनका मार्गदर्शन किया। तमिलनाडु वॉलंटियर्स ने भी क्वालिफायर परीक्षा की तैयारी में उनकी मदद की। इस सहयोग से संथोष ने अपनी दूसरी कोशिश में परीक्षा पास कर ली।

घर से पढ़ाई की सुविधा बनेगी बड़ी मदद

डेटा साइंस कार्यक्रम संथोष के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसकी लचीली व्यवस्था उन्हें काफी हद तक घर से पढ़ाई करने का अवसर दे सकती है। उनके लिए यह सिर्फ एक डिग्री हासिल करने का जरिया नहीं, बल्कि अपनी परिस्थितियों के अनुरूप उच्च शिक्षा जारी रखने का रास्ता भी है।

संथोष ने बताया कि एक समय उन्हें यह तक पता नहीं था कि अपनी दिव्यांगता के कारण वह कॉलेज की पढ़ाई कर पाएंगे या नहीं। अब आईआईटी मद्रास में मौका मिलने के बाद वह ज्यादा से ज्यादा सीखना और पढ़ाई के दौरान व्यावहारिक ज्ञान हासिल करना चाहते हैं।

‘आईआईटीएम फॉर ऑल’ ने बढ़ाया सहयोग का हाथ

‘आईआईटीएम फॉर ऑल’ पहल के तहत शुरुआती दौर में संथोष को तमिलनाडु वॉलंटियर्स की ओर से व्यक्तिगत सहयोग मिलेगा। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित प्रशिक्षण भी शामिल है। संस्था उनके पहले वर्ष की पढ़ाई की फीस का खर्च भी उठाएगी।

संथोष की कहानी यह भी बताती है कि उच्च शिक्षा का अवसर मिलने के साथ सही मार्गदर्शन और जरूरी सहयोग किसी विद्यार्थी के लिए कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।

माता-पिता को देते हैं सफलता का श्रेय

संथोष अपनी कामयाबी का सबसे बड़ा श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं। उनकी मां ने उनकी देखभाल और शिक्षा के दौरान लगातार उनका साथ दिया। उनके पिता ऑटो चालक हैं और परिवार की जिम्मेदारियां संभालने के लिए मेहनत करते हैं।

संथोष का लक्ष्य सिर्फ अपनी पढ़ाई पूरी करना नहीं है। वह भविष्य में अपने माता-पिता को बेहतर और सम्मानजनक जीवन देना चाहते हैं। आईआईटी मद्रास में उनका दाखिला उनके परिवार के लंबे संघर्ष और उनके खुद के लगातार प्रयासों की बड़ी उपलब्धि है।

सूचना प्रौद्योगिकी में करियर का सपना

संथोष आगे सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। वह ऐसी नौकरी करना चाहते हैं, जिसे जरूरत पड़ने पर घर से भी किया जा सके। उन्हें उम्मीद है कि डेटा साइंस की पढ़ाई रोजगार के बेहतर अवसर हासिल करने में मदद करेगी।

स्नातक की डिग्री के बाद भी उनका पढ़ाई जारी रखने का इरादा है। अवसर मिलने पर वह गेट परीक्षा पास करके मास्टर डिग्री हासिल करना चाहते हैं। 90 प्रतिशत दिव्यांगता और जन्म से सेरेब्रल पाल्सी जैसी चुनौतियों के बीच आईआईटी मद्रास तक पहुंचने का उनका सफर उनके दृढ़ संकल्प, परिवार के सहयोग और सही अवसर की अहमियत को सामने रखता है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: 90 Percent Disability, 90 प्रतिशत दिव्यांगता, Cerebral Palsy, Data Science Programme, Disability Student Success, IIT Admission, IIT Madras, IIT Madras Admission, IIT मद्रास, IITM BS Data Science, IITM For All, J Santhosh, जे संथोष, दिव्यांग छात्र, सेरेब्रल पाल्सी
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article रेवंत रेड्डी ने ओवैसी को बताया ‘सच्चा देशभक्त’, बोले- मोदी-शाह से कम नहीं देशभक्ति; AIMIM चीफ ने भी CM की तारीफ में पढ़े कसीदे
Next Article आग ने सबकुछ जला दिया, लेकिन नहीं छू सकी इस मंदिर को… यहां विराजते हैं मूंछों वाले कृष्ण, जानें रहस्य

फीचर

View More

जन्माष्टमी पर कान्हा की वो बांसुरी, जिसकी तान पर मिट गईं मजहब की दीवारें… रसखान से बिस्मिल्लाह खान तक हुए कृष्ण के दीवाने

मथुरा: जन्माष्टमी के मौके पर देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम है। मंदिरों से लेकर घरों तक कान्हा…

By vineet verma 9 Min Read

दही-हांडी की मटकी में छिपा है कान्हा की बाल लीला का राज, जानिए कैसे शुरू हुआ ये रिवाज

आखिरकार वह दिन आ ही गया, जिसका भक्तों को पूरे साल बेसब्री…

3 Min Read

Makkah Pact: क्या मक्का समझौते से एशिया में बनेगा ‘इस्लामिक नाटो’? भारत और वैश्विक शक्तियों की पैनी नज़र

क्या वेस्ट एशिया अब NATO जैसी सैन्य ताकत का नया केंद्र बनने…

6 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Latest Newsफीचर

जन्माष्टमी पर कान्हा की वो बांसुरी, जिसकी तान पर मिट गईं मजहब की दीवारें… रसखान से बिस्मिल्लाह खान तक हुए कृष्ण के दीवाने

मथुरा: जन्माष्टमी के मौके पर देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की धूम है। मंदिरों से लेकर घरों तक कान्हा…

9 Min Read
Latest Newsधर्म

आग ने सबकुछ जला दिया, लेकिन नहीं छू सकी इस मंदिर को… यहां विराजते हैं मूंछों वाले कृष्ण, जानें रहस्य

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के आखिरी गांव गिरोता में भगवान श्रीकृष्ण का एक ऐसा मंदिर है, जो अपने…

4 Min Read
Latest Newsबाजार

कच्चे तेल में फिर लगी आग, अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी कीमत; क्या अब पेट्रोल-डीजल भी होगा महंगा?

दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने एक बार फिर वैश्विक कच्चे तेल बाजार की चिंता बढ़ा…

5 Min Read
Latest NewsTrending Newsअन्य

ISRO का ‘नॉटी बॉय’ फिर बना बाजीगर, EOS-05 की सफल एंट्री; अंतरिक्ष से अब होगी जमीन की और पैनी निगरानी

श्रीहरिकोटा: जब देश सो रहा था, तब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने अंतरिक्ष में एक और बड़ी कामयाबी दर्ज की।…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?