नई दिल्ली: रविवार, 9 अगस्त 2026 को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे कामिका एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इस एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए यह दिन महत्वपूर्ण माना जाता है। आज कोई नया काम शुरू करने या महत्वपूर्ण निर्णय लेने की योजना है तो शुभ और अशुभ समय की जानकारी रखना उपयोगी माना जाता है। यहां जानिए आज का पूरा पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल।
आज का पंचांग: तिथि, वार और संवत
वार: रविवार
तिथि: कृष्ण पक्ष एकादशी
पक्ष: कृष्ण पक्ष
मास: श्रावण
ऋतु: वर्षा ऋतु
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
आज कामिका एकादशी का व्रत
आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी है, जिसे कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए विशेष दिन माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि कामिका एकादशी का व्रत करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है।
इस दिन सात्विक भोजन और संयमित आचरण रखने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत के दौरान मांसाहार, मद्यपान और तामसिक भोजन से बचना चाहिए।
नक्षत्र, योग और करण की स्थिति
आज मृगशिरा नक्षत्र दोपहर 2 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। इसके बाद नक्षत्र में परिवर्तन होगा।
हर्षण योग दोपहर 2 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर 10 अगस्त तक रहेगा। करण की बात करें तो बालव करण सुबह 11 बजकर 4 मिनट तक रहेगा, जबकि इसके बाद कौलव करण रात 9 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।
आज चंद्रमा मिथुन राशि में और सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेंगे। आज पंचक भी नहीं है।
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:18 बजे से 1:10 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:53 बजे से 3:44 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:49 बजे से 5:33 बजे तक
इन मुहूर्तों को धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं में शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
आज का राहुकाल और अशुभ समय
राहुकाल: शाम 5:33 बजे से 7:10 बजे तक
यमगण्ड: दोपहर 12:44 बजे से 2:20 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 3:57 बजे से शाम 5:33 बजे तक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल और अन्य अशुभ समय में नए या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
आज पश्चिम दिशा में दिशाशूल
रविवार को पश्चिम दिशा में दिशाशूल माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, आज पश्चिम दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए। अगर किसी जरूरी काम से इस दिशा में यात्रा करनी पड़े तो यात्रा से पहले ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करने की परंपरा है।