अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के 140 से अधिक वर्षों के छात्रसंघ इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। आठ साल के लंबे इंतजार के बाद 5 नवंबर 2026 को हुए AMU छात्रसंघ चुनावों में 22 वर्षीय छात्रा नशरा नईम (Nashra Nayeem) ने उपाध्यक्ष पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। वह AMU छात्रसंघ के तीन शीर्ष पदों (अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मानद सचिव) में से किसी पर भी निर्वाचित होने वाली विश्वविद्यालय के इतिहास की पहली महिला बन गई हैं।
1,273 वोटों के बड़े अंतर से हासिल की जीत
6 नवंबर 2026 की सुबह घोषित हुए नतीजों में नशरा नईम ने उपाध्यक्ष पद के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी साकिब अली खान को 1,273 मतों से करारी शिकस्त दी:
- नशरा नईम: 7,091 वोट (विजेता)
- साकिब अली खान: 5,818 वोट
- जीत का अंतर: 1,273 वोट
वहीं, अध्यक्ष पद पर मोहम्मद नोमान अशरफ (7,797 वोट) और मानद सचिव पद पर मोहम्मद हमदान (8,385 वोट) ने जीत दर्ज की।
कौन हैं नशरा नईम? जानिए उनका बैकग्राउंड
- मूल निवास: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की रहने वाली।
- शिक्षा: AMU के फैकल्टी ऑफ लॉ में BA LLB की छात्रा हैं। उन्होंने AMU वीमेंस कॉलेज से ही अपनी हायर सेकेंडरी की पढ़ाई भी पूरी की है।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि: नशरा के पिता AMU के पूर्व छात्र हैं और आईटी क्षेत्र में व्यवसायी हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं।
- राजनीतिक जुड़ाव: नशरा ‘Fraternity Movement’ की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी की सदस्य हैं और लंबे समय से कैंपस में छात्रों के अधिकारों के लिए मुखर रही हैं।
19 दिन चले उग्र आंदोलन के बाद बहाल हुए थे चुनाव
AMU में 2018-19 के बाद से छात्रसंघ चुनाव निलंबित थे। सितंबर 2026 में छात्रों ने चुनाव बहाली की मांग को लेकर उग्र आंदोलन शुरू किया, जिसमें MA छात्र यासिर फहद ने भूख हड़ताल भी की थी। करीब 19 दिनों तक चले विरोध-प्रदर्शन और विश्वविद्यालय प्रशासन से वार्ता के बाद छात्रसंघ चुनावों का रास्ता साफ हुआ था। नशरा इस आंदोलन की अग्रणी आवाजों में से एक थीं।
AMU में महिला नेतृत्व का नया दौर
1884 में सिडन्स यूनियन क्लब (Siddons Union Club) की स्थापना के साथ शुरू हुई AMU की छात्र राजनीति में अब तक किसी महिला को शीर्ष तीन पदों पर निर्वाचित होने का मौका नहीं मिला था। नशरा नईम की इस जीत ने कैंपस में महिला प्रतिनिधित्व के लिए एक नई राह खोल दी है। इस चुनाव में नशरा के अलावा पांच महिला कैबिनेट सदस्य और दो महिला AMU Court प्रतिनिधि भी चुनी गई हैं, जो कैंपस में बढ़ती महिला भागीदारी का स्पष्ट संकेत है।