आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और खान-पान की गलत आदतों के कारण ‘फैटी लिवर’ एक महामारी का रूप ले रहा है। लेकिन हाल ही में आए एक रिसर्च ने इस प्रॉब्लम से जूझ रहे करोड़ों लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण जगाई है। एक नई क्लिनिकल स्टडी के अनुसार, ‘वेरी लो एनर्जी कीटोजेनिक डाइट’ (VLED) लिवर की चर्बी को कम करने में ट्रेडिशनल डाइट के मुकाबले कहीं ज्यादा इफेक्टिव साबित हुई है।
77% तक कम हुई लिवर की चर्बी
एक्सपर्ट्स और रिसर्चर्स बताया है की जिन मरीजों ने 12 हफ्तों तक प्रोपर्ली कीटोजेनिक डाइट को फॉलो किया तो उनके लिवर फैट में 77 परसेंट तक की गिरावट देखी गई है। इसकी तुलना जब ‘मेडिटेरेनियन डाइट’ से की गई, तो उसमें केवल 14% की ही कमी देखी गई।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कीटो डाइट लेने वाले 69% पार्टिसिपेंट्स का लिवर फैट पूरी तरह से नार्मल लेवेल पर आ गया, यानी वे फैटी लिवर की केटेगरी से बाहर निकल गए।
एक्सपर्ट्स की राय
एक्सपर्ट्स का मानना है कि वजन में यह तेजी से आई गिरावट ही लिवर के टिश्यूज में सुधार और इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने का मेन रीज़न है। यह उन मरीजों के लिए ज्यादा फायदेमंद है जिन्हें मोटापे के साथ-साथ टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा है।
क्या है ‘वेरी लो एनर्जी कीटोजेनिक डाइट’?
यह एक विशेष प्रकार का डाइट प्लान है जिसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत कम और फैट की मात्रा अधिक रखी जाती है, जिससे शरीर ऊर्जा के लिए ग्लूकोज के बजाय फैट (ketosis) को जलाना शुरू कर देता है। इस शोध में मरीजों को प्रतिदिन लगभग 3,151 kJ (करीब 750 कैलोरी) दी गई, जो सामान्य आहार से काफी कम है।
अगर आप लिवर से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो यह रिसर्च साबित करता है कि सही खान-पान और सख्त परहेज न केवल वजन कम कर सकता है, बल्कि लिवर को दोबारा स्वस्थ बनाने की क्षमता भी रखता है।