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‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की असली विचारधारा क्या है? अभिजीत दीपके ने पहली बार खोले पत्ते, बताया क्यों नहीं बनेगी राजनीतिक पार्टी

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के बाद चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर उठ रहे सवालों पर अब इसके संस्थापक और नेशनल कन्वीनर अभिजीत दीपके ने खुलकर जवाब दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने संगठन का विज़न डॉक्यूमेंट जारी करते हुए स्पष्ट किया कि CJP खुद को किसी नई राजनीतिक विचारधारा का वाहक नहीं मानती, बल्कि भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों पर चलने वाला एक सार्वजनिक दबाव समूह बनने का दावा करती है।

अभिजीत दीपके ने कहा कि CJP की अलग या नई विचारधारा नहीं है। उनके मुताबिक, संगठन की सोच वही है जो भारतीय संविधान की भावना है। उन्होंने कहा कि उनका विश्वास उस भारत के सपने में है, जिसकी परिकल्पना डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर, महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू ने की थी।

संविधान आधारित विचारधारा पर दिया जोर

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दीपके ने बताया कि संगठन तीन प्रमुख सिद्धांतों को अपना आधार मानता है। इनमें डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर का सामाजिक न्याय, महात्मा गांधी की अहिंसा और शांति तथा पंडित जवाहरलाल नेहरू के आधुनिक भारत के विज़न को प्रमुख स्थान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि CJP खुद को पूरी तरह लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मानती है तथा सामाजिक न्याय के लिए लगातार काम करने का संकल्प रखती है।

शिक्षा सुधार को बताया सबसे बड़ा एजेंडा

अभिजीत दीपके ने कहा कि संगठन का पहला और सबसे अहम मुद्दा शिक्षा सुधार है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 94 हजार सरकारी स्कूल बंद हुए, जिससे निजी स्कूलों को सीधा लाभ मिला। उनका कहना था कि शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना कठिन होता जा रहा है।

उन्होंने मांग की कि संविधान की भावना के अनुरूप शिक्षा को पूरी तरह मौलिक अधिकार के रूप में लागू किया जाए, न कि इसे मुनाफे का माध्यम बनाया जाए।

चुनाव आयोग और न्यायपालिका की जवाबदेही पर भी उठाए सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दीपके ने देश की संस्थाओं की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मतदाताओं के अधिकारों को लेकर जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।

न्यायपालिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आम लोगों को न्याय मिलने में लंबा समय लगता है, जबकि कुछ मामलों में त्वरित सुनवाई देखने को मिलती है।

मुख्यधारा के मीडिया पर भी साधा निशाना

अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि उनके आंदोलन को मुख्यधारा के मीडिया में पर्याप्त जगह नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मीडिया को जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि जनहित के विषयों की अनदेखी की जाएगी तो दर्शकों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।

सितंबर से शुरू होगा देशव्यापी अभियान

CJP ने सितंबर से देशभर में ‘क्या बोलती पब्लिक?’ नाम से अभियान शुरू करने की घोषणा की है। अभिजीत दीपके ने कहा कि इस अभियान के तहत देश के विभिन्न हिस्सों में युवाओं से संवाद किया जाएगा। उनके अनुसार, देश की बड़ी आबादी युवा है और उनकी आवाज़ को पर्याप्त महत्व नहीं मिला है।

राजनीतिक पार्टी बनने से किया इनकार

अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि फिलहाल CJP राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी। उनका कहना है कि संगठन खुद को एक सार्वजनिक दबाव समूह के रूप में विकसित करेगा, जिसका उद्देश्य सरकार और राजनीतिक दलों के सामने जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाना होगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उन्होंने अपनी युवा टीम के सदस्यों का परिचय कराया और कहा कि उनका प्रयास लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करना और युवाओं को सार्वजनिक मुद्दों से जोड़ना है।

vineet verma

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