कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी गुट को लगातार दूसरे दिन झटका लगा है। नंदीग्राम के बाद अब रेजिनगर विधानसभा सीट से ममता बनर्जी गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने भी उपचुनाव से अपना नामांकन वापस लेने की बात कही है। इससे पहले नंदीग्राम से ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस लिया था। इस तरह 24 घंटे के भीतर ममता गुट के दो उम्मीदवारों के मैदान से हटने की बात सामने आई है।
नंदीग्राम के बाद रेजिनगर में भी उम्मीदवार ने छोड़ा मैदान
रेजिनगर सीट से रबीउल आलम चौधरी ममता बनर्जी गुट के उम्मीदवार थे। अब उनके नामांकन वापस लेने की बात सामने आई है। इससे पहले नंदीग्राम से ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया था।
इन दोनों घटनाओं को पश्चिम बंगाल के आगामी उपचुनाव के लिहाज से अहम माना जा रहा है। नंदीग्राम और रेजिनगर दोनों सीटों पर 6 अक्टूबर को विधानसभा उपचुनाव होना है।
कांग्रेस के समर्थन पर ममता ने कही थी बात
संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने कहा था कि अब उनका गुट नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस का समर्थन करेगा, ताकि इंडी गठबंधन मजबूत हो सके। उन्होंने इसे देश के व्यापक हित में बताया था। वहीं रेजिनगर सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर उन्होंने कहा था कि इस पर बाद में फैसला करेंगी।
ममता बनर्जी के इस बयान के 24 घंटे भी पूरे नहीं हुए थे कि रेजिनगर सीट से उनके गुट के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी के मैदान से हटने की बात सामने आ गई।
टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह पर विवाद के बीच बदले समीकरण
17 सितंबर को टीएमसी के नाम और जोड़ा फूल वाले चुनाव चिन्ह को फ्रीज किए जाने के बाद ममता बनर्जी ने राहुल गांधी से फोन पर बात की थी। इससे पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए इसे ‘वोट चोरी’ के बाद ‘पार्टी चोरी’ का मामला बताया था।
चुनाव आयोग ने टीएमसी के दोनों धड़ों से तीन-तीन नाम और पसंद के चुनाव चिन्ह मांगे थे। इसके बाद ममता गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह दिया गया। वहीं ऋतब्रत बनर्जी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया।
6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजिनगर में उपचुनाव
राज्य की नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। मौजूदा व्यवस्था इन दोनों सीटों के उपचुनाव के लिए ही लागू की गई है। टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद अब चुनाव आयोग से आगे अदालत तक पहुंच चुका है।