मुंबई: माझगांव इलाके में गणपति मंडल की ओर से निकाले जा रहे आगमन जुलूस के दौरान उस वक्त हंगामा हो गया, जब एक इमारत से जुलूस पर अंडा फेंके जाने का आरोप लगा। घटना के बाद जुलूस में शामिल लोगों और दूसरे पक्ष के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई तक पहुंच गई। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति संभालने की कोशिश की।
मंडल के पदाधिकारियों के मुताबिक, जिस इमारत से अंडा फेंके जाने का आरोप है, वह पंडाल से करीब 30 से 40 मीटर की दूरी पर स्थित है। घटना के बाद जुलूस में शामिल लोगों में नाराजगी फैल गई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। हालांकि, पुलिस अभी इस बात की जांच कर रही है कि अंडा वास्तव में किसने और कहां से फेंका था।
गणपति मंडल ने की सख्त कार्रवाई की मांग
गणपति मंडल के उप सचिव विवेक राणे ने घटना पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि गणपति की आगमन यात्रा के दौरान इमारत की ओर से जुलूस पर अंडे फेंके गए। मंडल ने इसे आपत्तिजनक घटना बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मंडल की ओर से पुलिस से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की गई है। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी।
भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने संभाला मोर्चा
विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ने लगा और मौके पर लोगों की संख्या भी बढ़ती गई। हालात को देखते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने के साथ दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास किया।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। जांच का मुख्य बिंदु यही है कि जुलूस पर अंडा कहां से और किस व्यक्ति ने फेंका था।
मुंबई में गणपति उत्सव की तैयारियां तेज
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में गणेश उत्सव की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। इस साल महाराष्ट्र में गणेश उत्सव 14 सितंबर से शुरू होने की बात कही गई है।
मुंबई में हर साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में सार्वजनिक गणपति मंडल उत्सव की तैयारियों में जुटे हैं। शहर में करीब 10,600 सार्वजनिक गणपति मंडल होने का अनुमान है। हालांकि, 10 दिन तक चलने वाले उत्सव के लिए अब तक करीब 2,500 मंडलों को अनुमति मिलने की बात सामने आई है। पूरे महाराष्ट्र में इस बार करीब 28 लाख गणेश प्रतिमाएं स्थापित किए जाने का अनुमान है।
पंडाल की अनुमति के लिए शुरू हुआ ऑनलाइन सिस्टम
मुंबई में गणपति पंडालों की अनुमति प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए इस बार ऑनलाइन एकल-खिड़की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके जरिए गणपति मंडल एक ही जगह से अलग-अलग जरूरी मंजूरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस व्यवस्था के तहत बीएमसी के साथ स्थानीय पुलिस और यातायात पुलिस से जुड़े अनापत्ति प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन हासिल किए जा सकते हैं। पंडाल लगाने के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 13 सितंबर बताई गई है।
पंडालों में इस बार दिखेंगी अलग-अलग थीम
मुंबई का गणपति उत्सव धार्मिक आयोजन के साथ शहर की सांस्कृतिक पहचान का भी अहम हिस्सा है। हर साल बड़े गणपति मंडल पंडाल और सजावट के लिए अलग-अलग विषयों को चुनते हैं। इस बार भी कई मंडलों ने खास तैयारियां शुरू की हैं।
अंधेरीचा राजा के पंडाल में अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति तैयार किए जाने की बात सामने आई है। वहीं कुछ मंडलों ने सुपरहीरो से जुड़ी थीम भी चुनी है।
पुलिस जांच के बाद ही साफ होगी विवाद की पूरी तस्वीर
गणपति उत्सव के दौरान मुंबई की सड़कों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। ऐसे में छोटी सी घटना भी तेजी से बड़ा विवाद बन सकती है। माझगांव की घटना के बाद पुलिस की भूमिका और सतर्कता भी अहम हो गई है।
फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जुलूस पर अंडा किसने फेंका था और विवाद की वास्तविक वजह क्या थी। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए अफवाहों से बचना और पुलिस जांच का इंतजार करना जरूरी है।