अमरावती: महाराष्ट्र के अमरावती में सोमवार तड़के एक महिला अस्पताल के नवजात शिशु देखभाल केंद्र में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। हादसा नई इमारत में बने सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में करीब 3:30 बजे हुआ। आग की चपेट में आने से तीन नवजातों की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने तत्काल यूनिट में भर्ती बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया, जबकि सूचना मिलने के बाद दमकल की टीम भी मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई।
50 से 60 नवजात रहते हैं भर्ती
महिला अस्पताल के SNCU में आमतौर पर 50 से 60 नवजात भर्ती रहते हैं। इनमें समय से पहले जन्मे, कम वजन वाले और गंभीर रूप से बीमार बच्चे शामिल होते हैं। आग लगते ही अस्पताल के कर्मचारियों ने सबसे पहले यूनिट में मौजूद नवजातों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश शुरू की।
इसके बावजूद तीन नवजातों को नहीं बचाया जा सका। हादसे में घायल कुछ बच्चों को इलाज के लिए डिविजनल रेफरल अस्पताल भेजा गया है। बताया गया है कि चार बच्चों का इलाज चल रहा है, जिनमें एक की हालत गंभीर है।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
आग किस वजह से लगी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।
आग लगने के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू की और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए।
सिविल सर्जन ने क्या बताया?
जिला सिविल सर्जन डॉ. विनोज पवार ने बताया कि कुछ बच्चों को इलाज के लिए पीडीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि आग लगने की वजह और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगी।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। नवजातों के लिए बनाए गए विशेष देखभाल केंद्र में आग लगने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों की गंभीरता को सामने ला दिया है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित अधिकारी घटना की जांच में जुटे हैं। आग लगने के कारणों के साथ यह भी देखा जा रहा है कि अस्पताल में सुरक्षा मानकों और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।