इंदौर/शिलॉन्ग | 29 अप्रैल 2026
राजा रघुवंशी हत्याकांड अब सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था, पुलिस जांच और पीड़ित परिवार के संघर्ष का बड़ा उदाहरण बन चुका है।
सोनम रघुवंशी को मिली जमानत ने जहां कानूनी बहस छेड़ दी है, वहीं परिवार का दर्द इस केस को और ज्यादा संवेदनशील बना रहा है।
राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। अदालत के फैसले के बाद मृतक की मां का दर्द और गुस्सा खुलकर सामने आया। उन्होंने कहा— “वो सामने आ जाए तो मैं खुद उसे मार डालूं…” — यह बयान इस केस में परिवार की भावनात्मक स्थिति को दर्शाता है।
क्या है पूरा मामला
मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी राजा रघुवंशी की हत्या मई 2025 में मेघालय के सोहरा (चेरापूंजी) में कथित तौर पर हनीमून के दौरान हुई थी। कुछ दिनों बाद उनका शव एक गहरी खाई में मिला, जिसके बाद यह मामला हत्या में बदल गया। जांच में पत्नी सोनम रघुवंशी को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया।
पुलिस के अनुसार, सोनम पर आरोप है कि उसने कथित तौर पर अपने पति की हत्या के लिए सुपारी किलर्स की मदद ली। इस मामले में कई अन्य आरोपी भी शामिल हैं।
जमानत कैसे मिली?
शिलॉन्ग की अदालत ने सोनम को चौथी बार में जमानत दी। इससे पहले उसकी तीन जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी थीं । कोर्ट ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में खामियों को आधार बनाया । दस्तावेज़ों में “गलत धाराओं” का उल्लेख (क्लेरिकल एरर) सामने आया ।
अदालत ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तारी के सही आधार नहीं बताए गए थे, जो कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन है।
परिवार का गुस्सा और आरोप
जमानत के बाद राजा रघुवंशी का परिवार भड़क गया है। मां ने खुले तौर पर गुस्सा जाहिर किया। वहीँ परिवार ने फैसले पर सवाल उठाए और “न्याय के साथ खिलवाड़” का आरोप लगाया । हाईकोर्ट जाने और CBI जांच की मांग की है ।
परिवार का कहना है कि यह “न्याय नहीं, सिस्टम की विफलता” है।
आगे क्या?
परिवार हाईकोर्ट में जमानत को चुनौती देगा। परिजन CBI जांच की मांग कर रहे हैं। केस की सुनवाई जारी रहेगी पुलिस ने भी कहा कि कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
राजा रघुवंशी हत्याकांड अब केवल एक क्राइम केस नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था, पुलिस प्रक्रिया और पीड़ित परिवार के संघर्ष का प्रतीक बन गया है।
सोनम को मिली जमानत ने जहां कानूनी बहस छेड़ दी है, वहीं परिवार का दर्द इस मामले को और संवेदनशील बना रहा है।