वॉशिंगटन/तेहरान। मध्य पूर्व में युद्ध के बादल और गहरे होते जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ ‘नो नाइस गाइ’ (No Nice Guy) रुख अपनाते हुए बंदरगाहों की लंबी नाकेबंदी के निर्देश दिए हैं। ट्रंप का दावा है कि ईरान टूटने की कगार पर है और वहां नेतृत्व को लेकर अंदरूनी कलह जारी है।
ट्रंप की रणनीति: सैन्य हमले के बजाय ‘आर्थिक चोट’
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि अमेरिका अब ईरान पर छोटे सैन्य हमलों के बजाय लंबे समय तक चलने वाली आर्थिक नाकेबंदी पर ध्यान केंद्रित करेगा।इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपना रुख और कड़ा कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को जल्द ही बिना परमाणु हथियार वाला समझौता करना होगा, नहीं तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि ईरान सही तरीके से समझौता करना नहीं जानता और उसे जल्दी समझदारी दिखानी चाहिए। ट्रंप की पोस्ट काफी ड्रैमेटिक है, जिसमें वे एक गन के साथ बारूदी आग के बीच नजर आ रहे हैं।
- बंदरगाहों की घेराबंदी: ट्रंप ने अधिकारियों को ईरान के बंदरगाहों को लंबे समय तक ब्लॉक करने के लिए कहा है।
- नेतृत्व पर सवाल: ट्रंप ने संकेत दिया कि तेहरान में यह स्पष्ट नहीं है कि फैसले कौन ले रहा है—सुप्रीम लीडर या वहां की सरकार।
- परमाणु मुद्दा: अमेरिका के लिए सबसे बड़ी शर्त अभी भी ईरान का परमाणु कार्यक्रम बंद करना है।

तेल बाज़ार में आग: $111 के पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड
अमेरिका द्वारा ईरान की घेराबंदी और बंदरगाहों को रोकने की खबरों ने वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा दिया है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 52 सेंट बढ़कर 111.78 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर जारी विवाद ने खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है।
UAE का ओपेक (OPEC) छोड़ना: सऊदी अरब को बड़ा झटका
इस युद्ध के बीच सबसे चौंकाने वाला फैसला संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने लिया है।
1 मई से बाहर: UAE ने घोषणा की है कि वह ओपेक और ओपेक+ (रूस समर्थित) समूह से बाहर हो जाएगा। UAE अपना तेल उत्पादन बढ़ाना चाहता है, जबकि ओपेक कीमतें नियंत्रित करने के लिए उत्पादन सीमित रखने पर जोर देता है। यह फैसला सऊदी अरब के वर्चस्व के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
लेबनान-इजरायल: युद्धविराम के बीच भी बरस रहे बम
युद्धविराम की घोषणा के बावजूद लेबनान के दक्षिणी हिस्से में शांति नहीं है। येलो लाइन का उल्लंघन: इजरायली सेना ने ‘येलो लाइन’ के पार हवाई हमले किए, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई। हिज्बुल्ला पर कार्रवाई: इजरायल ने दावा किया है कि उसने हिज्बुल्ला के 3 लड़ाकों को ढेर कर दिया है। लेबनान की प्रतिक्रिया: लेबनानी प्रधानमंत्री ने इन हमलों को ‘युद्ध अपराध’ बताया है।
पाकिस्तान बनेगा मध्यस्थ? ईरान का संशोधित प्रस्ताव
ताजा अपडेट के अनुसार, पाकिस्तान ईरान का एक संशोधित शांति प्रस्ताव अमेरिका तक पहुंचा सकता है।
- ईरान की मांग: तेहरान चाहता है कि पहले होर्मुज जलडमरूमध्य खोला जाए और उसकी जमी हुई संपत्तियां (Frozen Assets) वापस की जाएं।
- ट्रंप का रुख: ट्रंप ने पुराने प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, लेकिन उनकी सुरक्षा टीम नए मसौदे पर चर्चा कर रही है।
ईरान की चेतावनी: “जहाज फूंक देंगे”
ईरान की IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) ने अमेरिका को सीधी धमकी दी है। IRGC का कहना है कि यदि अमेरिका ने कोई भी नया सैन्य कदम उठाया, तो वे अमेरिकी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाने और पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंकने से पीछे नहीं हटेंगे।