दिल्ली में एनएसयूआई के प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव बढ़ गया है। भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु चिब, पार्टी के अन्य नेताओं और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को संसद मार्ग थाने के बाहर से हिरासत में लिया गया। कांग्रेस का आरोप है कि कार्यकर्ता रातभर एफआईआर दर्ज करने की मांग करते रहे, लेकिन पुलिस ने सुबह करीब 4:30 बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पार्टी ने महिला कार्यकर्ताओं रितु बराला और अथिरा विजयन के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
उदयभानु चिब का सवाल- रातभर एफआईआर मांगी, सुबह गिरफ्तारी क्यों?
युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु चिब ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पुलिस कार्रवाई का वीडियो साझा कर नाराजगी जताई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कार्यकर्ता रातभर एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे, तो सुबह तड़के उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया।
चिब ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं रितु बराला और अथिरा विजयन का जिक्र करते हुए पूछा कि आखिर उनका गुनाह क्या था। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की है।
बीवी श्रीनिवास ने दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता बीवी श्रीनिवास ने भी पुलिस कार्रवाई का वीडियो साझा करते हुए दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को अपनी जिम्मेदारी निष्पक्ष तरीके से निभानी चाहिए, न कि किसी राजनीतिक दल के दबाव में काम करना चाहिए।
श्रीनिवास ने दोनों महिला कार्यकर्ताओं के साथ कथित ज्यादती के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस को इस मामले में जवाब देना होगा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कथित मारपीट के मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर विरोध करेंगे।
हालांकि, पुलिस की कार्रवाई और महिला कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।
राहुल गांधी के सामने रितु बराला ने बताई आपबीती
एनएसयूआई के प्रदर्शन के दौरान रितु बराला और एक महिला पुलिसकर्मी के बीच कथित मारपीट का मामला सामने आया था। रितु राजस्थान के झुंझुनूं की रहने वाली हैं और राजस्थान विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में सक्रिय रही हैं।
बुधवार को राहुल गांधी के साथ हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में रितु ने प्रदर्शन के दौरान अपने साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के बारे में बताया। इस दौरान राहुल गांधी ने उनकी हिम्मत की सराहना करते हुए उन्हें ‘शेरनी’ कहा। जब रितु से पूछा गया कि क्या उन्हें घटना के दौरान डर लगा था, तो उन्होंने कहा कि उन्हें डर नहीं लगा।
अथिरा विजयन की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज
प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाने वाली केरल की कानून की छात्रा अथिरा विजयन की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। अथिरा दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा और एनएसयूआई की कार्यकर्ता हैं।
शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका दिल्ली के हार्डिंग अस्पताल में इलाज चल रहा है। शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज होना आरोपों की जांच की प्रक्रिया का हिस्सा है; इससे आरोप अपने आप साबित नहीं होते।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा घटनाक्रम मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को हुए एनएसयूआई के प्रदर्शन के बाद सामने आया। प्रदर्शन के दौरान रितु बराला और महिला पुलिसकर्मी के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने पुलिस पर कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट और अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगाए।
अब मामले में एफआईआर, हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं और महिला कार्यकर्ताओं की शिकायतों को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस पुलिस की जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है, जबकि शिकायतों और आरोपों पर जांच की स्थिति अहम होगी।
सीजेपी की तिरंगा यात्रा से पहले कनॉट प्लेस में सुरक्षा बढ़ी
इसी बीच, 16 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की खबर है। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को दो दिन के लिए बंद रखने का नोटिस जारी किया है। दिल्ली पुलिस ने भी लोगों से संबंधित इलाके में जाने से बचने की अपील की है और निषेधाज्ञा का हवाला दिया है।
सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया है कि अंडरकवर पुलिसकर्मी उनका पीछा कर रहे हैं। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रस्तावित यात्रा और सुरक्षा व्यवस्था के बीच राजधानी में पुलिस की कार्रवाई तथा विरोध-प्रदर्शनों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई है।