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जिम जा रहे हैं? तो दिल की सेहत पर ये गलती भारी पड़ सकती है ! वर्कआउट से पहले जान लें दिल की पूरी सच्चाई

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहना हर किसी की प्राथमिकता बन चुका है। लोग घंटों जिम में पसीना बहा रहे हैं, दौड़ रहे हैं, वेट ट्रेनिंग कर रहे हैं और खुद को हेल्दी बनाए रखने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। लेकिन इसी बीच एक डर भी लगातार सामने आ रहा है। वर्कआउट के दौरान अचानक हार्ट अटैक की बातों ने दिल को पहले ही दहला दिया है। ऐसे में सवाल उठना लाज़मी है कि क्या वर्कआउट वाकई दिल के लिए हमेशा फायदेमंद होता है या फिर जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज जानलेवा भी साबित हो सकती है?

क्यों जरूरी है नियमित वर्कआउट?

रोजाना की जाने वाली फिजिकल एक्टिविटी शरीर और दिमाग दोनों के लिए वरदान मानी जाती है। नियमित वर्कआउट से वजन नियंत्रित रहता है, ब्लड शुगर संतुलन में रहता है और हड्डियां मजबूत बनती हैं। इसके अलावा यह तनाव कम करता है, नींद बेहतर बनाता है और दिल की सेहत को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। सही तरीके से किया गया व्यायाम हार्ट अटैक के खतरे को कम करने में मदद करता है, ना कि बढ़ाने में।

जब वर्कआउट बन जाए जोखिम

समस्या तब शुरू होती है जब एक्सरसाइज को शरीर की क्षमता से ऊपर ले जाया जाता है। जरूरत से ज्यादा या बिना ब्रेक के किया गया वर्कआउट दिल पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। ऐसे में हार्ट रेट अचानक बहुत तेज हो जाती है और ब्लड प्रेशर असामान्य रूप से बढ़ने लगता है। लगातार ओवरट्रेनिंग से दिल की मांसपेशियों पर असर पड़ सकता है, जिससे हार्ट की धड़कन अनियमित होने यानी अरिथमिया का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि कई बार फिट दिखने वाले लोग भी अचानक कार्डियक इमरजेंसी का शिकार हो जाते हैं।

शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें

वर्कआउट के दौरान चक्कर आना, सीने में जकड़न, अत्यधिक सांस फूलना या असामान्य थकान जैसे संकेत शरीर की चेतावनी हो सकते हैं। इन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। एक्सरसाइज करते समय शरीर को सुनना उतना ही जरूरी है जितना नियमित रहना।

सुरक्षित वर्कआउट के लिए क्या कहते हैं डॉक्टर?

एक्सपर्ट्स की मानें तो फिटनेस की शुरुआत हमेशा धीरे करनी चाहिए। बिगिनर्स के लिए रोजाना 15–20 मिनट की हल्की एक्सरसाइज काफी होती है। जब शरीर को एक्सरसाइज करने की आदत पड़ जाए, तभी धीरे-धीरे कसरत की तेजी और कठिनाई बढ़ानी चाहिए। वर्कआउट के बीच ब्रेक लेना, गहरी सांसें लेना और पर्याप्त पानी पीना बेहद जरूरी है। इसके साथ योग और प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करने से दिल और दिमाग दोनों को संतुलन मिलता है।

संतुलन ही असली फिटनेस

फिट रहने का मतलब खुद को थकाकर तोड़ देना नहीं, बल्कि शरीर के साथ तालमेल बनाना है। सही मात्रा में, सही तरीके से किया गया वर्कआउट ही आपको लंबी और स्वस्थ जिंदगी की ओर ले जाता है।

news desk

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