नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट के हमले के बावजूद 170 से अधिक यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मछार की सेहत अब स्थिर बताई जा रही है। सऊदी अरब के तबूक अस्पताल में प्राथमिक उपचार और सर्जरी के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी लाया गया है। भारतीय दूतावास के अधिकारी लगातार उनके स्वास्थ्य और इलाज की निगरानी कर रहे हैं।
फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में आपात स्थिति पैदा होने के बाद विमान की तबूक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। इसी दौरान घायल हुए कैप्टन मछार का तबूक के अस्पताल में इलाज और सर्जरी की गई।
इसके बाद उन्हें आगे की चिकित्सा देखभाल के लिए अबू धाबी एयरलिफ्ट किया गया। भारतीय दूतावास के मुताबिक, उन्हें बेहतर मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अबू धाबी के अस्पताल पहुंचकर कैप्टन स्मित मछार और उनके परिवार से मुलाकात की। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि मछार का स्वास्थ्य अच्छा है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं।
दूतावास ने कहा कि कैप्टन मछार के इलाज और देखभाल को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। दूतावास ने इस मदद के लिए यूएई के अधिकारियों का भी आभार जताया है।
राजदूत दीपक मित्तल ने मुलाकात के बाद बताया कि कैप्टन मछार का मनोबल ऊंचा है। उन्होंने कहा कि मछार खुलकर बातचीत कर रहे थे, मुस्कुरा रहे थे और हंस भी रहे थे। उनके मुताबिक, यह उनके परिवार के लिए भी बड़ी राहत की बात है।
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट के हमले के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी। इसके बावजूद कैप्टन स्मित मछार ने विमान को संभालते हुए यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। विमान की बाद में सऊदी अरब के तबूक में आपात लैंडिंग कराई गई।
इस घटना के बाद कैप्टन मछार की बहादुरी की दुनियाभर में चर्चा हुई। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनकी बहादुरी की सराहना की है।
नई दिल्ली में इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने भी कैप्टन मछार की भूमिका की सराहना की है। उन्होंने कहा कि अगर मछार उस समय विमान में नहीं होते तो फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 की स्थिति अलग हो सकती थी।
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