Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: कपाल क्रिया क्यों मानी जाती है अंतिम संस्कार की सबसे अहम विधि? जानिए इसके बिना क्यों अधूरी मानी जाती है आत्मा की यात्रा
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Latest News > कपाल क्रिया क्यों मानी जाती है अंतिम संस्कार की सबसे अहम विधि? जानिए इसके बिना क्यों अधूरी मानी जाती है आत्मा की यात्रा
Latest Newsधर्म

कपाल क्रिया क्यों मानी जाती है अंतिम संस्कार की सबसे अहम विधि? जानिए इसके बिना क्यों अधूरी मानी जाती है आत्मा की यात्रा

vineet verma
Last updated: July 16, 2026 1:22 am
vineet verma
Share
SHARE

नई दिल्ली: सनातन धर्म में जीवन के 16 संस्कारों का उल्लेख मिलता है, जिनमें अंतिम संस्कार को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु के बाद शरीर पंचमहाभूतों में विलीन हो जाता है और इसी प्रक्रिया से आत्मा की आगे की यात्रा जुड़ी होती है। अंतिम संस्कार के दौरान की जाने वाली कई विधियों में कपाल क्रिया का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि यह अनुष्ठान आत्मा की मुक्ति और मोक्ष की कामना से जुड़ा होता है।

Contents
क्या होती है कपाल क्रिया?कपाल क्रिया को क्यों माना गया है जरूरी?मोक्ष और पुनर्जन्म से जुड़ी है मान्यतातांत्रिक दुरुपयोग से जुड़ी भी है मान्यताधार्मिक परंपरा का अहम हिस्सा

धार्मिक परंपराओं के अनुसार, कपाल क्रिया को अंतिम संस्कार की अनिवार्य प्रक्रिया माना जाता है। इसे भावनात्मक रूप से अत्यंत कठिन माना जाता है, लेकिन शास्त्रीय मान्यताओं में इसे मृतक की अंतिम यात्रा का महत्वपूर्ण चरण बताया गया है।

क्या होती है कपाल क्रिया?

दाह संस्कार के दौरान मुखाग्नि देने के बाद जब शव अग्नि में जलता है, तब शरीर का अधिकांश भाग भस्म हो जाता है, लेकिन कई बार सिर का हिस्सा पूरी तरह नहीं जलता। ऐसी स्थिति में परंपरागत विधि के अनुसार लकड़ी की सहायता से कपाल को तोड़ा जाता है और उसमें घी अर्पित किया जाता है। इसी धार्मिक प्रक्रिया को कपाल क्रिया कहा जाता है।

कपाल क्रिया को क्यों माना गया है जरूरी?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कपाल को मोक्ष का द्वार माना गया है। विश्वास किया जाता है कि इस क्रिया के माध्यम से आत्मा सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर अपनी आगे की यात्रा पूरी कर सकती है। इसी कारण अंतिम संस्कार में इसे विशेष महत्व दिया गया है।

मोक्ष और पुनर्जन्म से जुड़ी है मान्यता

शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, यदि कपाल क्रिया न की जाए तो मृतक के वर्तमान जन्म के संस्कार शेष रह सकते हैं, जिनका प्रभाव अगले जन्म तक माना जाता है। इसी वजह से इस विधि को आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना से जोड़ा जाता है।

तांत्रिक दुरुपयोग से जुड़ी भी है मान्यता

धार्मिक परंपराओं में यह भी माना जाता है कि कपाल क्रिया नहीं होने पर कपाल के दुरुपयोग की आशंका बनी रहती है। इसी कारण अंतिम संस्कार की सभी विधियां पूर्ण रीति-रिवाज के साथ संपन्न करने पर विशेष जोर दिया जाता है।

धार्मिक परंपरा का अहम हिस्सा

सनातन परंपरा में कपाल क्रिया केवल एक संस्कार नहीं, बल्कि मृतक के प्रति अंतिम कर्तव्य के रूप में भी देखी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह विधि आत्मा की शांति, मोक्ष और अंतिम यात्रा की पूर्णता का प्रतीक मानी जाती है।

 

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Antim Sanskar, Dharma News, Funeral Rituals in Hinduism, Garuda Purana, Hindu Death Rituals, Hindu Funeral Rituals, Kapaal Kriya, Kapaal Kriya Kya Hai, Kapal Kriya Importance, Kapal Kriya Significance, Moksha, Religious News, Sanatan Dharma, अंतिम संस्कार, कपाल क्रिया, कपाल क्रिया महत्व
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article फ्रांस में इच्छामृत्यु को मिली संसदीय मंजूरी, असाध्य मरीजों को मिलेगा जीवन समाप्त करने का कानूनी विकल्प
Next Article रथयात्रा में आखिर क्यों रूठ जाती हैं माता लक्ष्मी? जानिए हेरा पंचमी की अनोखी कथा, जब भगवान जगन्नाथ से जताई नाराजगी

फीचर

View More

रक्षाबंधन क्यों मनाते हैं? राखी से जुड़ी पौराणिक कथाओं से इतिहास तक, जानिए इस त्योहार की पूरी कहानी

उज्जैन: रक्षाबंधन को भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और एक-दूसरे के साथ खड़े रहने के संकल्प का पर्व माना जाता है।…

By vineet verma 9 Min Read

भाई की कलाई के साथ भाभी की चूड़ियों पर भी सजती है राखी, जानिए क्या है लुंबा राखी की खास परंपरा और क्यों है इसका इतना महत्व

नई दिल्ली: रक्षाबंधन को आमतौर पर भाई-बहन के प्रेम और विश्वास से…

4 Min Read

चार साल की तपस्या, अनगिनत रातें और बदले में सिर्फ 464 रुपये! UPSC छोड़ने के बाद कबाड़ी को बेचीं किताबें, भावुक कर देगी अभ्यर्थी की कहानी

नई दिल्ली: यूपीएससी की तैयारी करने वालों के लिए किताबें सिर्फ कागज…

7 Min Read

विचार

View More

भारतीय रेडियो प्रसारण के 100 वर्ष: ‘श्रुति’ की परंपरा से ‘मन की बात’ तक… ऐसा रहा जादुई तरंगों का 100 साल का सफर

उस अविस्मरणीय पल को याद कीजिए, जब आपने पहली बार…

August 13, 2026

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

You Might Also Like

Latest Newsउत्तर प्रदेशराज्य

बीबीएयू के दीक्षांत समारोह में राजनाथ सिंह का बड़ा संदेश, बोले- ज्ञान के साथ चरित्र और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी

लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में शुक्रवार को 11वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन हुआ। समारोह में भारत सरकार के…

11 Min Read
Latest Newsवर्ल्ड

स्पेन के सेउटा में अचानक क्यों भड़का बवाल? प्रवासियों के टेंट में आग, 70 लोगों ने सैन्य गाड़ी पर बरसाए पत्थर

सेउटा: स्पेन के सेउटा में प्रवासियों को लेकर तनाव हिंसक टकराव में बदल गया। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने प्रवासियों के…

4 Min Read
EntertainmentLatest News

नेपाल में बाढ़ की तस्वीरों ने अमिताभ बच्चन को किया भावुक, बोले- ‘कुदरत के प्रकोप से नहीं लड़ सकते, सिर्फ प्रार्थना कर सकते हैं’

मुंबई: नेपाल में बाढ़ से मची भारी तबाही की तस्वीरों ने अभिनेता अमिताभ बच्चन को अंदर तक झकझोर दिया है।…

3 Min Read
Latest Newsखेल

DNA बताएगा कौन बनेगा चैंपियन? गुजरात ने शुरू किया देश का पहला स्पोर्ट्स जीनोमिक्स प्रोग्राम, 10 हजार खिलाड़ियों पर नजर

गांधीनगर: भारतीय खिलाड़ियों के भविष्य को नई दिशा देने के लिए गुजरात ने स्पोर्ट्स साइंस और अत्याधुनिक जैव प्रौद्योगिकी को…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?