हर साल 21 जून को पूरी दुनिया ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ मनाती है। इस साल भी पीएम मोदी ने कोलकाता के रेड रोड पर योगाभ्यास कर देश को फिटनेस का संदेश दिया। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि योग दिवस के लिए 21 जून की तारीख ही क्यों चुनी गई? इसके पीछे कोई तुक्का नहीं, बल्कि एक गहरा खगोलीय विज्ञान और प्राचीन भारतीय परंपरा छिपी है। आइए जानते हैं क्या है इसका पूरा गणित।
खगोलीय विज्ञान (Astronomy) के नजरिए से 21 जून का दिन बेहद खास होता है। इस दिन उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) में साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होती है।
सितंबर 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा, तो उन्होंने विशेष रूप से 21 जून की तारीख का सुझाव दिया था। उन्होंने तर्क दिया था कि यह दिन दुनिया भर की कई संस्कृतियों में एक विशेष महत्व रखता है।
भारतीय योग परंपरा और सनातन संस्कृति में 21 जून की तारीख का एक गहरा आध्यात्मिक महत्व है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, सौर वर्ष दो भागों में बंटा होता है: उत्तरायण और दक्षिणायन।
साधना का समय: 21 जून यानी ग्रीष्म संक्रांति वह टर्निंग पॉइंट है जहां उत्तरायण समाप्त होता है और दक्षिणायन की शुरुआत होती है। भारतीय संस्कृति में दक्षिणायन के समय को साधना, तपस्या, ध्यान और आत्मशुद्धि के लिए सबसे उत्तम और शुभ माना गया है।
21 जून का महत्व सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्लोबल लेवल पर सदियों से इसे सेलिब्रेट किया जाता रहा है:
योग का शाब्दिक अर्थ ही होता है-‘जोड़ना’। शरीर को मन से, मन को आत्मा से और आत्मा को इस पूरे ब्रह्मांड से जोड़ना।
ऐसे में, जिस दिन पृथ्वी पर सूर्य का प्रकाश सबसे ज्यादा हो, जो दिन सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक हो, उस दिन को योग के लिए चुनना कोई इत्तेफाक नहीं है। 21 जून असल में खगोल विज्ञान, प्रकृति और भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का सबसे खूबसूरत मिलन बिंदु (Meeting Point) है।
भारतीय सिनेमा अब एक ऐसा मुकाम हासिल करने जा रहा है, जिसकी कल्पना शायद ही…
नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र का तीसरा सप्ताह सरकार और विपक्ष के बीच भारी…
नासिक। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के…
तृषा संग नाम जुड़ने की अटकलों के बीच बड़ा मोड़, चेंगलपट्टू कोर्ट में मामला बंद;…
आसमान से हाई-स्पीड इंटरनेट देने की रेस अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुकी…
केंद्र सरकार की ओर से परिसीमन विधेयक को दोबारा लाने के संकेत मिलते ही देश…