नई दिल्ली: सिरदर्द, चक्कर या बेचैनी जैसी परेशानी होने पर कई बार लोग इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कुछ मामलों में ये हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी हो सकती हैं। बढ़ा हुआ रक्तचाप लंबे समय तक बना रहे तो इसका असर दिल, किडनी, आंखों और दिमाग पर पड़ सकता है। समय रहते जांच और जीवनशैली में बदलाव के जरिए ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
हाई ब्लड प्रेशर के कई कारण हो सकते हैं। आनुवंशिक कारण, बढ़ता वजन, शारीरिक गतिविधि की कमी, ज्यादा नमक और प्रसंस्कृत भोजन का सेवन, धूम्रपान, शराब, लंबे समय तक तनाव या चिंता और नींद की कमी से बीपी बढ़ने की समस्या हो सकती है।
अगर ब्लड प्रेशर की रीडिंग लगातार 140/90 mmHg या उससे ज्यादा आती है तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच कराना बेहतर रहता है।
ब्लड प्रेशर बढ़ने पर सिर में भारीपन या दर्द, चक्कर, धुंधला दिखाई देना, सांस लेने में परेशानी, नाक से खून आना, सीने में दर्द, थकान या बेचैनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
हालांकि, हाई ब्लड प्रेशर कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी रहता है। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर बीपी बढ़ने का पता नहीं लगाया जा सकता। नियमित रूप से रक्तचाप की जांच करना जरूरी है।
सबसे पहले शांत रहें और ब्लड प्रेशर की जांच करें। अगर डॉक्टर ने बीपी की दवा लेने की सलाह दी है तो उसे डॉक्टर के निर्देश के अनुसार ही लें। अपनी तरफ से दवा की अतिरिक्त खुराक लेना सही नहीं है।
इस दौरान नमक और बहुत अधिक मसाले वाले भोजन से बचें। तनाव कम करने के लिए कुछ देर शांत बैठकर गहरी सांस लेने की कोशिश की जा सकती है। नींबू पानी, नारियल पानी या अनार का रस लेने जैसी चीजों को इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
अगर ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा बढ़ा हुआ है और साथ में सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, तेज सिरदर्द, नजर में बदलाव, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन अथवा बोलने में परेशानी हो रही है तो इसे गंभीर स्थिति मानना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करना, नमक का सेवन सीमित रखना और प्रसंस्कृत व जंक फूड से दूरी बनाना जरूरी है। पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने के लिए योग या ध्यान को दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है।
खाने में ताजे फल, सब्जियां और साबुत अनाज को शामिल करें। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाना भी जरूरी है। जिन लोगों को बीपी की समस्या रहती है, उन्हें नियमित रूप से अपना रक्तचाप जांचते रहना चाहिए।
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