चिन्मय सुतार ने रचा इतिहास (फोटो-इंस्टाग्राम)
मिजोरम के बल्लेबाज ने नागालैंड के खिलाफ 517 गेंदों में जड़े नाबाद 400 रन, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के दूसरे बल्लेबाज बने
भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक ऐसी पारी देखने को मिली है, जिसने रणजी ट्रॉफी के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने नागालैंड के खिलाफ मुकाबले में नाबाद 400 रन बनाकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उनकी इस मैराथन पारी ने न सिर्फ मिजोरम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया, बल्कि उन्हें फर्स्ट क्लास क्रिकेट के चुनिंदा बल्लेबाजों की सूची में भी शामिल कर दिया।
चिन्मय ने अपनी पारी के दौरान धैर्य, एकाग्रता और बड़े स्कोर बनाने की क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। रणजी ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट में 400 रन का आंकड़ा छूना किसी भी बल्लेबाज के लिए असाधारण उपलब्धि है। इस पारी के साथ वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 400 रन बनाने वाले भारत के दूसरे बल्लेबाज बन गए।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 400 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची बेहद छोटी है। चिन्मय सुतार से पहले भाऊसाहेब निंबालकर ने 1948 में काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। अब करीब 78 साल बाद चिन्मय ने नाबाद 400 रन बनाकर इस खास उपलब्धि को दोहराया है।
दुनिया के फर्स्ट क्लास क्रिकेट इतिहास में भी 400 या उससे अधिक रन की पारियां बेहद दुर्लभ रही हैं। चिन्मय का यह प्रदर्शन मिजोरम क्रिकेट के लिए भी बड़ी उपलब्धि है और घरेलू क्रिकेट में उनकी पहचान को नई मजबूती देता है।
चिन्मय सुतार की इस पारी की सबसे खास बात उनका लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहना रहा। उन्होंने 517 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 400 रन बनाए। उनकी पारी में 46 चौके और 7 छक्के शामिल रहे।
आंकड़े बताते हैं कि चिन्मय ने केवल आक्रामक बल्लेबाजी ही नहीं की, बल्कि जरूरत के मुताबिक संयम भी बनाए रखा। उनकी पारी ने नागालैंड के गेंदबाजों को लंबे समय तक मैदान पर संघर्ष करने के लिए मजबूर किया।
चिन्मय सुतार की शानदार बल्लेबाजी की बदौलत मिजोरम ने 154.1 ओवर में 581 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित कर दी। टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में उनकी बड़ी पारी की अहम भूमिका रही।
अब इस मुकाबले में नागालैंड के बल्लेबाजों पर दबाव रहेगा कि वे मिजोरम के विशाल स्कोर का मजबूती से जवाब दें। वहीं, चिन्मय की 400 रन की पारी रणजी ट्रॉफी के इस मुकाबले की सबसे बड़ी चर्चा बन गई है।
विश्व क्रिकेट में ब्रायन लारा का नाम सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियों के साथ जुड़ा है। उन्होंने 1994 में डरहम के खिलाफ फर्स्ट क्लास क्रिकेट में नाबाद 501 रन बनाए थे। इसके बाद 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में नाबाद 400 रन बनाकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी इतिहास रचा।
सैम नॉर्थईस्ट ने 2022 में ग्लैमरगन की ओर से खेलते हुए नाबाद 410 रन की पारी खेली थी। अब चिन्मय सुतार ने रणजी ट्रॉफी में 400 रन बनाकर अपनी जगह इस विशेष सूची में दर्ज करा दी है। उनकी यह पारी भारतीय घरेलू क्रिकेट की यादगार पारियों में गिनी जाएगी।
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