एशियन पैरा गेम्स 2026 के मंच पर भारतीय निशानेबाजों ने वो कर दिखाया है, जिसकी गूंज पूरे खेल जगत में सुनाई दे रही है। महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में मुकाबला इतना सांस रोक देने वाला था कि अंतिम क्षणों तक किसी को अंदाजा नहीं था कि बाजी किसके हाथ लगेगी। एक तरफ जहां स्टेज 2 सीरीज 2 के बाद पांचवें स्थान पर फिसल चुकीं मोना अग्रवाल ने हैरतअंगेज वापसी की पटकथा लिखी, वहीं दूसरी तरफ पैरालंपिक चैंपियन अवनी लेखरा ने भी अपने सटीक निशानों से पोडियम पर तिरंगा लहराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। रोमांच से भरे इस महामुकाबले में मोना अग्रवाल ने अविश्वसनीय वापसी करते हुए भारत को 2026 एशियन पैरा गेम्स का पहला गोल्ड मेडल दिला दिया, जबकि अवनी लेखरा ने सिल्वर मेडल जीतकर देश को दोहरी खुशी से सराबोर कर दिया।
मोना अग्रवाल ने इस प्रतियोगिता की शुरुआत से ही अपने इरादे साफ कर दिए थे। क्वालिफिकेशन राउंड में 629.1 का स्कोर करके मोना ने टॉप पोजिशन हासिल की और नया एशियन पैरा गेम्स रिकॉर्ड बना डाला। इसी राउंड में अवनी लेखरा दूसरे स्थान पर रहीं।
भारतीय शूटरों ने क्वालिफिकेशन की इस शानदार लय को फाइनल में भी पूरी तरह बरकरार रखा और देश की झोली में गोल्ड और सिल्वर दोनों मेडल डाल दिए।
फाइनल में मोना अग्रवाल के लिए यह जीत आसान नहीं रही। स्टेज 2 सीरीज 2 के बाद वह पिछड़कर पांचवें स्थान पर चल रही थीं, जबकि अवनी लेखरा शुरुआत से ही अपनी बेहतरीन लय में दिख रही थीं। लेकिन आखिरी कुछ शॉट्स में मोना ने अद्भुत धैर्य और सटीकता दिखाते हुए मैच का पासा पलट दिया।
मोना ने कुल 250 का स्कोर करके गोल्ड मेडल अपने नाम किया, वहीं अवनी लेखरा 249.6 के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहीं। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ ही मोना और अवनी, दोनों ने 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक्स के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।
भारत को पहला गोल्ड दिलाने वाली मोना अग्रवाल का जन्म राजस्थान के सीकर में हुआ था। महज 9 महीने की उम्र में ही वह पोलियो की चपेट में आ गई थीं, जिससे उनके दोनों पैर प्रभावित हुए। लेकिन मोना ने कभी हार नहीं मानी। पैरा शूटिंग में कदम रखने से पहले उन्होंने पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग और वीमेंस सिटिंग वॉलीबॉल में भी अपनी किस्मत आजमाई थी।
मोना 2024 पैरालंपिक्स की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट रह चुकी हैं और इसी साल उन्होंने पैरा शूटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी सिल्वर मेडल जीता था। वहीं, दूसरी ओर 2020 टोक्यो और 2024 पेरिस पैरालंपिक्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली स्टार शूटर अवनी लेखरा को इस बार अपनी ही हमवतन शूटर से कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा ने शानदार प्रदर्शन कर भारतीय पैरा शूटिंग का गौरव बढ़ाया। मोना के गोल्ड और अवनी के सिल्वर मेडल ने देश को दोहरी खुशी दी। उनकी यह उपलब्धि खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है और भारत की खेल प्रतिभा को दुनिया के सामने पेश करती है।
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