वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का प्रशासन चीन के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रहा है। एक सप्ताह के भीतर अमेरिका ने चीनी नागरिकों की वीजा-मुक्त यात्रा पर रोक लगाने, चीन की तीन प्रमुख जीनोमिक्स कंपनियों को प्रतिबंधित सूची में शामिल करने और विश्वविद्यालयों में चीन के वित्तपोषण से चलने वाले केंद्रों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताने जैसे फैसले किए हैं। ये कदम ऐसे समय उठाए गए हैं, जब अगले महीने ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच संभावित मुलाकात की चर्चा है।
जीनोमिक्स कंपनियों पर जबरन श्रम को लेकर कार्रवाई
अमेरिका के होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने बुधवार को चीन की तीन कंपनियों बीजीआई जीनोमिक्स, एमजीआई टेक और शेन्जेन बीजीआई टेक को उइगर फोर्स्ड लेबर प्रिवेंशन एक्ट के तहत प्रतिबंधित संस्थाओं की सूची में शामिल किया। इन कंपनियों को सामूहिक रूप से बीजीआई ग्रुप के नाम से भी जाना जाता है।
अमेरिकी विभाग के अनुसार, 29 अक्टूबर से अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा एजेंसी इन कंपनियों के बनाए सामान को अमेरिका में प्रवेश के लिए प्रतिबंधित मानेगी। हालांकि, इस रोक को हटाने के लिए संबंधित पक्ष को ठोस सबूत देना होगा कि सामान जबरन श्रम से जुड़ा नहीं है।
चीनी नागरिकों की वीजा-मुक्त यात्रा पर रोक
अमेरिका ने उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह में चीनी नागरिकों को वीजा के बिना यात्रा की अनुमति देने वाले कार्यक्रम को भी निलंबित कर दिया है। 27 अक्टूबर को फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के नोटिस के मुताबिक, यह रोक 30 अक्टूबर को स्थानीय समयानुसार दोपहर 2 बजे से लागू होगी। पहले से जारी यात्रा अनुमतियां भी इसके दायरे में आएंगी।
इस कार्यक्रम के तहत पहले से जांचे गए चीनी नागरिक बिना वीजा के इन द्वीपों की यात्रा कर सकते थे। अमेरिकी प्रशासन ने आशंका जताई है कि इस सुविधा का दुरुपयोग किया जा रहा है। विभाग ने टिनियन और गुआम में सैन्य ठिकानों के आसपास जासूसी की आशंका, गुआम में तस्करी और बच्चों के जन्म के लिए यात्रा किए जाने यानी ‘बर्थ टूरिज्म’ जैसी चिंताओं का उल्लेख किया है।
अमेरिकी प्रशासन के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025 में 3,000 से अधिक चीनी नागरिकों ने इस कार्यक्रम का इस्तेमाल किया था।
चीनी वित्तपोषण वाले विश्वविद्यालय केंद्र भी निशाने पर
चीन के खिलाफ तीसरा कदम अमेरिकी विश्वविद्यालयों में संचालित कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट्स को लेकर उठाया गया है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने घोषणा की थी कि पेंटागन ने चीन के वित्तपोषण से चलने वाले इन सांस्कृतिक केंद्रों को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना है।
अमेरिका के इन कदमों से दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर तनाव का एक और पहलू सामने आया है। ट्रंप और शी चिनफिंग की संभावित बैठक से पहले उठाए गए इन फैसलों पर अब दोनों देशों के संबंधों के संदर्भ में नजर रखी जा रही है।
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