नई दिल्ली: ब्लड प्रेशर कम होने पर चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना और आंखों के सामने धुंधलापन छाना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। लेकिन अगर लो बीपी के साथ हाथ-पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी भी महसूस हो रही है, तो इसे केवल ब्लड प्रेशर गिरने का असर मानना सही नहीं है। इसके पीछे नसों पर दबाव, मधुमेह, विटामिन बी12 की कमी या तंत्रिका तंत्र से जुड़ी कोई समस्या भी हो सकती है। ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के कार्डियक साइंसेज विभाग में कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी के निदेशक एवं प्रमुख डॉ. सौरभ जुनेजा के मुताबिक, केवल लो ब्लड प्रेशर के कारण आमतौर पर शरीर में सुन्नपन नहीं होता। ऐसे में लक्षणों को समझना और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
ब्लड प्रेशर सामान्य से कम होने पर व्यक्ति को चक्कर आना, सिर हल्का महसूस होना, कमजोरी, आंखों के सामने धुंधलापन और बेहोशी जैसी परेशानी हो सकती है। यदि रक्तचाप अचानक बहुत कम हो जाए, तो शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन पहुंचने में परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में कमजोरी और भ्रम जैसे लक्षण भी सामने आ सकते हैं।
हालांकि, हाथ-पैरों का सुन्न होना लो बीपी का सामान्य लक्षण नहीं माना जाता। इसलिए यदि रक्तचाप कम होने के साथ सुन्नपन महसूस हो रहा है, तो उसके दूसरे संभावित कारणों पर भी ध्यान देना जरूरी है।
डॉ. सौरभ जुनेजा के मुताबिक, लो बीपी के साथ हाथ-पैरों में सुन्नपन होने पर इसके अन्य कारणों की जांच करना जरूरी है। नसों पर दबाव पड़ने, मधुमेह, शरीर में विटामिन बी12 की कमी और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याओं के कारण भी हाथ-पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी हो सकती है।
इसके अलावा, बार-बार शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन महसूस होने पर इसे सामान्य कमजोरी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसकी वास्तविक वजह जानने के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
यदि ब्लड प्रेशर कम होने के दौरान चक्कर आते हैं, सिर हल्का महसूस होता है या बेहोशी जैसी स्थिति बनती है, तो उसी समय सुन्नपन भी महसूस हो सकता है। हालांकि, हर बार इस परेशानी को लो बीपी से जोड़ना सही नहीं है।
अगर शरीर का कोई हिस्सा लगातार सुन्न रहता है, सुन्नपन बार-बार होता है या किसी एक हिस्से में इसके साथ कमजोरी भी महसूस होती है, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समस्या की वजह जानने के लिए डॉक्टर रक्तचाप, इस्तेमाल की जा रही दवाओं, पुरानी बीमारियों और नसों से संबंधित लक्षणों का आकलन कर सकते हैं। जरूरत के अनुसार दूसरी जांच भी कराई जा सकती हैं।
डॉ. जुनेजा के मुताबिक, शरीर में अचानक होने वाले कुछ बदलाव गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं। खासकर चेहरे, हाथ या पैर में अचानक सुन्नपन महसूस होना, विशेष रूप से शरीर के एक तरफ, स्ट्रोक के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में बिना देरी किए आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
इन लक्षणों को भी नजरअंदाज न करें:
इनमें से कोई भी लक्षण अचानक दिखाई दे, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। खासकर स्ट्रोक के संदेह में लक्षणों के अपने आप ठीक होने का इंतजार नहीं करना चाहिए।
यदि हाथ-पैरों या शरीर के किसी हिस्से में बार-बार सुन्नपन महसूस होता है, तो डॉक्टर से परामर्श लेकर इसकी वजह का पता लगाना चाहिए। हर बार इसे लो बीपी का नतीजा मानना सही नहीं है। मधुमेह, विटामिन बी12 की कमी, खून की कमी, थायरॉइड से जुड़ी परेशानी, नसों पर दबाव और पेरिफेरल न्यूरोपैथी जैसी स्थितियां भी इसके पीछे हो सकती हैं।
डॉक्टर मरीज के लक्षणों और स्वास्थ्य संबंधी इतिहास के आधार पर जरूरी जांच की सलाह दे सकते हैं। सही कारण की पहचान होने पर ही उचित उपचार तय किया जा सकता है।
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