Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: रूडी के बयान पर क्यों शुरू हुई सोशल मीडिया पर जातीय जंग?, बिहार में राजपूत वोटों की क्यों हो रही है चर्चा?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > रूडी के बयान पर क्यों शुरू हुई सोशल मीडिया पर जातीय जंग?, बिहार में राजपूत वोटों की क्यों हो रही है चर्चा?
Trending Newsसियासी

रूडी के बयान पर क्यों शुरू हुई सोशल मीडिया पर जातीय जंग?, बिहार में राजपूत वोटों की क्यों हो रही है चर्चा?

news desk
Last updated: September 10, 2025 11:05 am
news desk
Share
राजीव प्रताप रूडी
राजीव प्रताप रूडी
SHARE

पूर्व केन्द्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी इन दिनों सियासी गलियारे से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा के केन्द्र बने हुए हैं. हाल ही रूडी ने दो इंटरव्यू दिए. जिसके बाद हर जगह उनके बयान की चर्चा है. एक इंटरव्यू में वो बिहार में राजपूत समुदाय की सियासी ताकत के बारे बताते हुए दावा करते हैं कि ‘आज की तारीख में हम या तो 70 विधानसभामें जीत सकते हैं या जीताने की क्षमता रखते हैं.

हालांकि रूडी ने अपने इंटरव्यू में किसी दूसरी जाति का नाम नहीं लिया. लेकिन यही से एक चर्चा शुरू हो गई. खासकर सोशल मीडिया पर. सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर रूडी के समर्थन में #श्रीराम_वंशी_रूडी  ट्रेंड करने लगा. जिसमें रूडी के समर्थन में पोस्ट किए जाने लगे. इसके बाद #राम_विरोधी_रूडी ट्रेंड हुआ. जिसमें रूडी का विरोध किया जाने लगा गया. देखते ही देखते सोशल मीडिया पर ये विमर्श राजपूत बनाम भूमिहार या राजपूत बनाम ब्राह्मण का बन गया.

इस पूरे मामले पर वरिष्ठ पत्रकार रोहित कहते हैं कि ‘दरअसल ये विवाद बिहार में हुई जाति जनगणना के बाद से शुरू हुआ. तमाम अपर कास्ट को उम्मीद थी की उनकी आबादी ज्यादा होगी. भूमिहार को यकीन नहीं हुआ की उनकी आबादी 2.5 फीसदी के करीब है. वैसे ही ब्राह्मणों को यकीन नहीं हुआ की वो सिर्फ 3.5 फ़ीसदी हैं और राजपूतों को भी मलाल है कि वो 3.5 फ़ीसदी हैं. तो फिर सवाल उठता है की राजपूतों की राजनीति और नेतृत्व की बात कहां से और क्यों उठाने लगी. अभी चुनाव का समय है ऐसे में राजीव प्रताप रूडी का बयान इसी सन्दर्भ में लगता हैं. क्योंकि बिहार के सवर्ण पॉलिटिक्स में अभी तक सबसे बड़ा खेमा भूमिहार का रहा है. फिर ब्राह्मण का लेकिन राजपूत अब अगुआ बनना चाहता है और राजीव प्रताप रूडी इस वर्ग का नेतृत्व करने की कोशिश में हैं’.

तो क्या वाकई बिहार में सवर्ण पॉलिटिक्स के भीतर नेतृत्व को लेकर पर्दे के पीछे संघर्ष चल रहा है. सवाल ये भी है कि क्या बिहार में राजपूत 70 विधानसभा सीटों पर निर्णायक भूमिका में है. और ये वर्ग बीजेपी के साथ है?  

बिहार की राजनीति को करीब से देखने वाले राजनीतिक विश्लेषक प्रियदर्शी रंजन राजपूत वर्ग के वोटिंग पैटर्न के बारे में बताते हैं कि ‘बिहार की राजनीति में राजपूत समुदाय राजनीतिक तौर पर बेहद सफल मानी जाती है. संख्या बल कुछ भी हो लेकिन इनकी चुनावी सफलता का कोई जोड़ नहीं है. हर सामाजिक समीकरण में राजपूत फिट हो जाते हैं. चाहे सवर्ण राजनीति हो या पिछड़ा राजनीति,  राजपूतों की मौजूदगी होती ही है. अगड़ी जाती होने के कारण सवर्ण राजनीति में फिट हो जाते हैं तो मंडल कमीशन लागू करने का श्रेय लेकर पिछड़ों की राजनीति में भी दावेदार बन जाते हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि राजपूत, जाति के तौर पर बिहार में बेहद संगठित और संवेदनशील होते है. किसी दल के प्रति प्रतिबद्धता से ज्यादा इनके लिए महत्वपूर्ण इनका अपना समीकरण होता है. यही कारण है राजपूत समुदाय किसी भी सीट पर अपनी जाति का उम्मीदवार देखता है ना कि पार्टी’.

बीजेपी की तरफ ज्यादा झुकाव नजर आने के बावजूद आंकड़े भी इस बात की गवाही देते हैं कि राजपूत मतदाता किसी एक पार्टी के वोटर नहीं हैं. 2020 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो राजपूत जाति के कुल 28 विधायक चुने गए. जिनमें बीजेपी के पास सबसे ज्यादा 15 विधायक हैं तो आरजेडी के पास 7 विधायक हैं. जेडीयू के कोटे में 2 और कांग्रेस के कोटे में 1 विधायक हैं. हाल ही में राजीव प्रताप रूडी ने बिहार में सांगा यात्रा भी निकाली. जिसको लेकर सियासी पंड़ितों का मानना है कि वो बिहार में राजपूत जाति के नेतृत्व पर अपना दावा कर रहे हैं. फिलहाल बिहार में चुनावी माहौल चल रहा है. ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रहे हैशटैग वॉर के चुनाव तक और तेज होने तथा जातीय वर्चस्व की भावना के भी उफान पर जाने की उम्मीद है. 

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: #Bihar, #BiharElection, #BiharElections2025, #BiharNews, #BJP, #BreakingNews, #Congress, #IndianPolitics, #indianpresshouse, #jdu, #PoliticalNews, #RajivPratapRudy, #RJD, #sangayatra, #TejashwiYadav, #श्रीराम_वंशी_रूडी
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article नए उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मेदवार ने हासिल की जीत, महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे राधाकृष्णन बने देश के 15वें उपराष्ट्रपति
Next Article शेयर मार्किट अपडेट Sensex Today: निफ्टी ने पार किया 25,000 का आंकड़ा, सेंसेक्स 81,500 के ऊपर; आईटी शेयरों में जबरदस्त तेजी

फीचर

View More

18 साल का वो इंकलाबी, जिसकी फांसी के बाद राख चुराने की मच गई थी होड़: पढ़ें खुदीराम बोस के बलिदान की अमर गाथा

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में ऐसे कई नायक हुए हैं जिन्होंने अपनी जवानी देश के नाम कुर्बान कर दी, लेकिन…

By news desk 6 Min Read

Jharkhand Student Protest: पिता शिबू सोरेन की तस्वीर लेकर बेटे हेमंत के खिलाफ क्यों उतरे छात्र? समझिए पूरा विवाद

रांची में 10 अगस्त को हुए छात्र आंदोलन ने झारखंड की राजनीति…

8 Min Read

2026 में महाविनाश या सिर्फ अफवाह? एलियंस, वर्ल्ड वॉर 3 और पुतिन को लेकर बाबा वेंगा की भविष्यवाणियों का पूरा ‘रियलिटी चेक’

नई दिल्ली। साल 2026 के बीतने में अब कुछ ही महीने बचे…

4 Min Read

विचार

View More

क्या कभी सोचा है कि आखिर कैसे दक्षिण से उत्तर तक पूरे देश में छा जाते हैं बादल और शुरू हो जाती है झमाझम बारिश?

नई दिल्ली: देश में मानसून की दस्तक हो चुकी है।…

July 9, 2026

‘एक भी अमेरिकी सैनिक जिंदा नहीं लौटेगा’… आखिर ईरान ने अमेरिका को क्यों दी खुली चेतावनी? जानिए कैसे बढ़ा नया सैन्य तनाव

तेहरान: पश्चिम एशिया में अमेरिका और…

July 9, 2026

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

You Might Also Like

Trending Newsसियासी

संसद खत्म होने से ठीक पहले अमित शाह का बड़ा दांव; NEET परीक्षा पर लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र, चर्चा के लिए तैयार

संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) के समापन से ठीक एक दिन पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने एक बड़ा…

2 Min Read
Trending Newsबाजार

एक ही दिन में निवेशकों के डूबे 3 लाख करोड़! 90 डॉलर के क्रूड ऑयल ने बिगाड़ा खेल ,600 अंक तक टूटा सेंसेक्स

भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन 'ब्लैक ट्यूजडे' जैसा रहा। सेंसेक्स और निफ्टी में आई भारी सुनामी ने…

2 Min Read
Trending Newsसियासी

सुप्रिया सुले की बेटी के रिसेप्शन में PM मोदी-प्रियंका की मुलाकात, खड़गे की बात पर छूटी हंसी; VIDEO वायरल

नई दिल्ली में NCP (SP) नेता सुप्रिया सुले की बेटी रेवती के वेडिंग रिसेप्शन में बुधवार को देश की राजनीति…

4 Min Read
Trending Newsबाजार

एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे से क्रैश हुए TATA के शेयर, TCS 5% टूटा; सेंसेक्स 592 अंक फिसला

Tata Sons N Chandrasekaran Resignation Impact: टाटा समूह (Tata Group) से आ रही एक बहुत बड़ी खबर ने भारतीय शेयर…

2 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?