नई दिल्ली। ईरान में सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की सार्वजनिक मौजूदगी न होने के बीच देश में बड़े फैसले लेने वाली एक छह सदस्यीय टीम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिकी मीडिया से बातचीत में बताया था कि अलग-अलग सरकारी, संसदीय और सुरक्षा संस्थानों से जुड़े छह लोग मिलकर महत्वपूर्ण फैसलों पर चर्चा करते हैं और आपसी समन्वय से निर्णय लेते हैं। हालांकि, राष्ट्रपति ने इस टीम के सदस्यों के नाम सार्वजनिक नहीं किए।
यह जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध और कूटनीतिक बातचीत दोनों जारी हैं। हाल में दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत भी हुई है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर तेहरान की ओर से प्रस्ताव सामने आया है।
कौन हैं वे 6 लोग?
ईरानी अखबार साज़ंदगी की एक रिपोर्ट में छह सदस्यीय टीम को लेकर कुछ नामों की संभावनाएं जताई गई हैं। इनमें ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, न्यायपालिका प्रमुख गुलामहुसैन मोहसेनी-एजेई, सुरक्षा क्षेत्र से जुड़े मोहसेन रेजाई, आईआरजीसी से जुड़े अहमद वाहिदी और एक वरिष्ठ सैन्य कमांडर का नाम बताया गया है।
हालांकि, इन नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस सूची को फिलहाल मीडिया रिपोर्ट में सामने आया संभावित नामों का समूह माना जा रहा है, आधिकारिक सूची नहीं।
पेजेश्कियान ने CBS को बताया था कि टीम में सुरक्षा बलों, संसद और सरकार से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हैं और वे फैसलों पर विचार-विमर्श करके समन्वय से निर्णय लेते हैं।
मुज्तबा खामेनेई को लेकर क्या बोले पेजेश्कियान?
अमेरिकी मीडिया से बातचीत में पेजेश्कियान ने मुज्तबा खामेनेई की सेहत को लेकर भी सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मुज्तबा स्वस्थ हैं और उनसे उनकी दो बार मुलाकात हुई है। राष्ट्रपति के मुताबिक, एक बैठक सात घंटे से ज्यादा चली थी।
पेजेश्कियान ने यह भी बताया कि ईरान की कूटनीतिक रणनीति और बड़े फैसलों के लिए संस्थागत स्तर पर समन्वय किया जा रहा है। ईरान की सरकारी-संबद्ध मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भी राष्ट्रपति ने छह सदस्यीय टीम के सैन्य, संसद और सरकार से जुड़े होने की बात कही है।
अमेरिका से बातचीत में क्या है सबसे बड़ा मुद्दा?
इस समय अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का एक प्रमुख मुद्दा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि कुछ शर्तें पूरी होने पर वह इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को फिर से खोलने की दिशा में कदम उठा सकता है। इसके साथ ही परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और युद्ध समाप्त करने जैसे मुद्दे भी बातचीत के केंद्र में हैं।
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच मध्यस्थों के जरिए बातचीत जारी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के हालिया प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है, जबकि तेहरान की ओर से बातचीत का रास्ता खुला रखने की बात कही गई है।
ईरान में सत्ता के तीन प्रमुख केंद्र
ईरान की राजनीतिक व्यवस्था में राष्ट्रपति, संसद और न्यायपालिका की अलग-अलग भूमिकाएं हैं। इन तीनों संस्थाओं के प्रमुखों की बैठकें भी नियमित रूप से होती हैं। सितंबर की शुरुआत में पेजेश्कियान, संसद अध्यक्ष गालिबफ और न्यायपालिका प्रमुख मोहसेनी-एजेई ने देश और क्षेत्र के हालात पर बैठक की थी।
इसके अलावा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ईरान की सुरक्षा और सैन्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही वजह है कि राष्ट्रपति द्वारा बताई गई छह सदस्यीय टीम में सरकार के साथ सुरक्षा और सैन्य संस्थानों के प्रतिनिधित्व की बात को खास महत्व दिया जा रहा है।
अब दुनिया की नजर छह सदस्यीय टीम पर
मुज्तबा खामेनेई की सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर सवालों के बीच छह सदस्यीय टीम का जिक्र ईरान की निर्णय प्रक्रिया को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेकिन इस टीम की पूरी आधिकारिक संरचना और सभी सदस्यों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमेरिका के साथ युद्ध, परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अंतिम फैसले किस स्तर पर लिए जा रहे हैं। फिलहाल ईरानी राष्ट्रपति के बयान से इतना स्पष्ट है कि इन मुद्दों पर कई संस्थानों के प्रतिनिधियों के बीच समन्वय से निर्णय लिए जा रहे हैं।