Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: दबी हुई नस की समस्या क्या है, जिससे जूझ रहे हैं सोनू निगम? गर्दन दर्द से लेकर झुनझुनी तक जानिए इसके खतरे और संकेत
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > सेहत > दबी हुई नस की समस्या क्या है, जिससे जूझ रहे हैं सोनू निगम? गर्दन दर्द से लेकर झुनझुनी तक जानिए इसके खतरे और संकेत
सेहत

दबी हुई नस की समस्या क्या है, जिससे जूझ रहे हैं सोनू निगम? गर्दन दर्द से लेकर झुनझुनी तक जानिए इसके खतरे और संकेत

vineet verma
Last updated: June 18, 2026 7:00 am
vineet verma
Share
SHARE

नई दिल्ली: गर्दन में लगातार दर्द, हाथों में झुनझुनी या शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन जैसी समस्या सिर्फ सामान्य थकान नहीं हो सकती। मेडिकल भाषा में इसे पिंच्ड नर्व यानी दबी हुई नस की समस्या कहा जाता है, जिसे सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी भी कहा जाता है। यह स्थिति तब बनती है जब गर्दन के आसपास के टिश्यू या डिस्क नसों पर दबाव डालने लगते हैं, जिससे दर्द और असहजता बढ़ जाती है।

Contents
क्या है दबी हुई नस की समस्या?इसके प्रमुख लक्षण क्या हैं?कैसे किया जाता है इसका निदान?किन कारणों से होती है यह समस्या?इलाज और राहत के उपाय क्या हैं?

क्या है दबी हुई नस की समस्या?

दबी हुई नस की स्थिति में गर्दन की नसों पर दबाव पड़ने लगता है, जिससे नसें ठीक से काम नहीं कर पातीं। इसका असर केवल गर्दन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह दर्द पीठ, हाथों और पैरों तक भी फैल सकता है। इस वजह से व्यक्ति को झुनझुनी, जलन और कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

इसके प्रमुख लक्षण क्या हैं?

इस समस्या में कई तरह के संकेत देखने को मिलते हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। इनमें गर्दन, पीठ, हाथ या पैरों में दर्द शामिल है। इसके अलावा झुनझुनी, जलन, मांसपेशियों में थकावट और सुन्नपन जैसी स्थिति भी सामने आ सकती है। कई मामलों में प्रभावित हिस्से में सही प्रतिक्रिया न मिलने की समस्या भी देखी जाती है।

कैसे किया जाता है इसका निदान?

डॉक्टर इस समस्या की पहचान के लिए सबसे पहले शारीरिक जांच करते हैं, जिसमें गर्दन, कंधे और हाथों की स्थिति को परखा जाता है। इसके बाद स्पर्लिंग टेस्ट किया जाता है, जिसमें गर्दन को विशेष तरीके से झुकाकर लक्षणों की जांच की जाती है।

इसके अलावा एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई स्कैन जैसी तकनीकों का उपयोग रीढ़ और नसों की स्थिति को समझने के लिए किया जाता है। कुछ मामलों में इलेक्ट्रोमायोग्राफी टेस्ट भी किया जाता है, जिससे नसों में संकेतों की गति का आकलन होता है।

किन कारणों से होती है यह समस्या?

दबी हुई नस की समस्या कई कारणों से हो सकती है। उम्र बढ़ने के साथ रीढ़ की संरचना में बदलाव इसका एक प्रमुख कारण है। इसके अलावा भारी वजन उठाना, लंबे समय तक एक ही मुद्रा में रहना, लगातार कंपन करने वाली मशीनों का उपयोग, या कुछ खेल गतिविधियां भी इसका कारण बन सकती हैं।

इलाज और राहत के उपाय क्या हैं?

अगर 5 से 6 सप्ताह तक आराम और सामान्य देखभाल के बाद भी दर्द में सुधार नहीं होता, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है। शुरुआती स्तर पर आइस और हीट थेरेपी से सूजन और दर्द में राहत मिल सकती है।

इसके साथ फिजिकल थेरेपी भी काफी प्रभावी मानी जाती है, जिसमें गर्दन की मांसपेशियों को मजबूत करने और लचीलापन बढ़ाने वाले व्यायाम शामिल होते हैं। सही समय पर इलाज लेने से इस समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

 

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: cervical nerve pain, neck pain treatment, neck stiffness treatment, nerve compression symptoms, nerve pain causes, physiotherapy for neck pain, pinched nerve symptoms, spine health India, गर्दन दर्द कारण, झुनझुनी हाथों में, दबी हुई नस, सर्वाइकल रेडिकुलोपैथी
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article जंगल जलेबी: खट्टे-मीठे स्वाद के साथ सेहत का खजाना! जानिए क्यों ये देसी फल बन रहा सुपरफूड की नई पहचान
Next Article अमेरिका-ईरान जंग में कौन पड़ा भारी? शांति समझौते के बाद भी क्यों खत्म नहीं हुई टेंशन, समझिए पूरा गणित

फीचर

View More

108 दिन की जंग, हजारों करोड़ का नुकसान… फिर उसी टेबल पर लौटे ट्रंप! ओबामा की डील रद्द कर आखिर अमेरिका ने ईरान से ऐसा क्या हासिल किया, जिस पर अब उठ रहे बड़े सवाल?

वॉशिंगटन: 108 दिनों तक चले खून-खराबे के बाद अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने पर सहमति बन गई…

By vineet verma 6 Min Read

चीन से निकला “Duanju” का वायरस अब भारत में! सोशल मीडिया पर रील्स को पछाड़कर मनोरंजन का नया बादशाह बना ‘माइक्रो ड्रामा’

आज के समय में लोगों के पास मनोरंजन के लिए पहले जितना…

5 Min Read

महल, पहाड़ और शांत शहर! PM मोदी की यात्रा के बाद चर्चा में आया स्लोवाकिया, जानिए क्या देखें, क्या खाएं और कितना आएगा खर्च

नई दिल्ली: अगर आप ऐसी विदेशी जगह की तलाश में हैं जहां…

3 Min Read

विचार

View More

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को लेकर एक वायरल पोस्ट…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

You Might Also Like

Latest Newsसेहत

जंगल जलेबी: खट्टे-मीठे स्वाद के साथ सेहत का खजाना! जानिए क्यों ये देसी फल बन रहा सुपरफूड की नई पहचान

नई दिल्ली: गर्मी के मौसम में बाजारों और ग्रामीण इलाकों में मिलने वाले देसी और जंगली फलों की मांग बढ़…

3 Min Read
सेहत

गर्मी में गोंद कतीरा खाने से पहले जान लें ये बात! क्या किडनी मरीजों के लिए बन सकता है खतरा? डॉक्टर ने दी अहम सलाह

नई दिल्ली: गर्मियों का मौसम आते ही गोंद कतीरा का सेवन तेजी से बढ़ जाता है। ठंडी तासीर और शरीर…

3 Min Read
Latest Newsसेहत

बार-बार मुंह में हो रहे हैं छाले या बदल रही है आवाज? डॉक्टर ने बताया कब हो जाएं सावधान, हो सकता है ओरल कैंसर का संकेत

नई दिल्ली: मुंह में छाले होना या सर्दी-जुकाम के दौरान आवाज बदल जाना आम बात मानी जाती है, लेकिन अगर…

3 Min Read
सेहत

हेल्दी का दावा या मार्केटिंग का जाल? FSSAI की कार्रवाई ने मचाई हलचल

आज के दौर में लोग खाने-पीने की चीज़ें खरीदते समय सबसे पहले पैकेट पर लिखे शब्दों को देखते हैं। “Healthy”,…

3 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?