कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी की मौत के बाद कथित सुसाइड नोट सामने आया है। बीरभूम जिले के रामपुरहाट में पार्टी कार्यालय के भीतर उनका शव फंदे से लटका मिला था। पुलिस को मौके से हाथ से लिखा एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है। इसी बीच टीएमसी प्रवक्ता निलंजन दास ने इस नोट की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की और इसमें लिखी बातों का जिक्र किया।
कथित सुसाइड नोट में आशीष बनर्जी ने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने लिखा कि छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहने के बावजूद उन्होंने कभी भ्रष्टाचार नहीं किया। बर्दवान यूनिवर्सिटी छात्र संघ के महासचिव के रूप में काम करने के दौरान भी किसी तरह के भ्रष्टाचार में शामिल नहीं होने की बात उन्होंने कही।
उन्होंने यह भी लिखा कि राजनीतिक जीवन में व्यस्त रहने के बावजूद कभी पद पाने की इच्छा नहीं रखी। पार्टी की ओर से कई बार जिम्मेदारी लेने के अनुरोध किए गए, लेकिन उन्होंने उन्हें टालने की कोशिश की।
कथित नोट में आशीष बनर्जी ने आर्थिक भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार करते हुए लिखा कि उन्होंने पूरी जिंदगी बिना किसी शर्त या बदले के किसी से एक पैसा तक नहीं लिया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे जब अटेंडेंट के तौर पर काम करते थे, तब भी उन्होंने उनसे किसी मेहमान का खर्च नहीं लिया।
उन्होंने दावा किया कि आर्थिक भ्रष्टाचार में उनका कभी कोई हाथ नहीं रहा।
कथित सुसाइड नोट में TRDA की जनरल मीटिंग और वहां रखे जाने वाले रजिस्टर का भी जिक्र किया गया है। आशीष बनर्जी ने लिखा कि वह टेंडर कमेटी में नहीं थे और उनके पास चेक जारी करने का अधिकार भी नहीं था।
उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो कोई योजना मंजूर की और न ही कोई एनओसी जारी किया। इन मुद्दों पर ग्रुप चैंबर में उनके सामने चर्चा जरूर होती थी, लेकिन इन कामों में अपनी कोई भूमिका या जानकारी होने से उन्होंने इनकार किया।
कथित नोट में आशीष बनर्जी ने लिखा कि उन्हें नहीं पता कि उन्हें बदनाम करने के लिए उनके खिलाफ कौन-कौन से खेल खेले गए। उन्होंने आने वाले समय की राजनीति को जंग का मैदान बताते हुए कॉलेज के छात्रों को राजनीति से दूर रहने की सलाह भी दी।
उन्होंने छात्रों से अपने-अपने क्षेत्र में रहने, शांति और अनुशासन बनाए रखने और अच्छा इंसान बनने की अपील की।
आशीष बनर्जी ने अपने शिक्षक जीवन का भी उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने पूरी जिंदगी पढ़ाया और कभी अपनी क्लास नहीं छोड़ी। उन्होंने स्पेशल क्लास भी लीं और कई छात्रों को बिना फीस लिए पढ़ाया।
कथित नोट में उन्होंने लिखा कि इसके बदले उन्हें अपने छात्रों से बहुत प्यार मिला।
कथित सुसाइड नोट में आशीष बनर्जी ने कई लोगों के नाम लिखते हुए उन्हें दिल से प्यार जताया। उन्होंने बड़ों को अपना प्यार देने की बात कही और दादा तथा सौम्या से शांत रहने की अपील की।
उन्होंने अपने करीबियों से पूरी जिंदगी सच और हिम्मत के साथ जीने को कहा। साथ ही बच्चों से जुड़े मामलों और विवादों को आपस में सुलझाने की सलाह दी।
कथित नोट के आखिर में आशीष बनर्जी ने लिखा, “मेरी मौत के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।”
पुलिस इस कथित सुसाइड नोट की जांच कर रही है। नोट में किए गए दावों और मौत से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद ही मामले की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।
आशीष बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे। वह 2001 से 2026 तक रामपुरहाट विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक रहे। उन्होंने विधानसभा के डिप्टी स्पीकर की जिम्मेदारी भी संभाली थी। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार में स्कूली शिक्षा और कृषि समेत अलग-अलग विभागों के मंत्री भी रहे।
2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने रामपुरहाट सीट से टीएमसी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन भाजपा के ध्रुव साहा से 24 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हार गए थे।
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