नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों ने इसे छात्रों के लंबे आंदोलन और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताया है। जंतर-मंतर पर पिछले एक महीने से चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच आए इस घटनाक्रम पर कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे जनता की आवाज की जीत करार दिया।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर छात्रों और देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की बड़ी जीत है और सरकार को आखिरकार जनता की आवाज सुननी पड़ी। केजरीवाल ने उम्मीद जताई कि अब नीट परीक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार किए जाएंगे और भविष्य में छात्रों को ऐसी परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देशभर के छात्रों की आवाज आखिरकार सत्ता तक पहुंच गई। उन्होंने इसे करोड़ों युवाओं के संघर्ष और साझा विपक्ष की सफलता बताया। खड़गे ने कहा कि अब सरकार को युवाओं से माफी मांगनी चाहिए और आंदोलन के दौरान बल प्रयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यह देश के युवाओं की ऐतिहासिक जीत है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से अपना आंदोलन जारी रखा, तमाम मुश्किलों और कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटे। प्रियंका ने कहा कि आखिरकार सरकार को छात्रों की इच्छाशक्ति के आगे झुकना पड़ा।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद गुट) की नेता सुप्रिया सुले ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों और लगातार बने जनदबाव का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और अब शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, जवाबदेही और संसद में नीट मुद्दे पर विस्तृत चर्चा जरूरी है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का स्वागत करते हुए कहा कि इससे मौजूदा तनाव कम होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अब संसद और देश में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मूल मुद्दों पर गंभीर चर्चा का रास्ता खुलना चाहिए।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे नई पीढ़ी की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक पूरी व्यवस्था की गंभीर समीक्षा करनी होगी। साथ ही परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे। अखिलेश ने कहा कि युवाओं के आंदोलन ने अंततः सरकार को अपना फैसला बदलने पर मजबूर कर दिया।
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र की जीत बताया। उनका कहना है कि लंबे समय से छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे और यह फैसला उसी संघर्ष का परिणाम है।
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