मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच बुधवार, 12 अगस्त की तड़के कुर्ला के चिराग नगर इलाके में बड़ा हादसा हो गया। गौसिया चॉल के पास पहाड़ी का हिस्सा खिसककर बस्ती पर गिर गया, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के चलते बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में 6 लोगों की मौत की बात कही गई, जबकि बाद में पुलिस अधिकारी ने 2 शव बरामद होने की जानकारी दी। ऐसे में मृतकों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
रात की बारिश बनी हादसे की वजह?
बताया जा रहा है कि मुंबई में मंगलवार रात से तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान कुर्ला के चिराग नगर इलाके में पहाड़ी का हिस्सा अचानक खिसक गया और नीचे बनी चॉल इसकी चपेट में आ गई।
BMC के अनुसार, भूस्खलन की सूचना बुधवार सुबह करीब 3:48 बजे मिली। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस, BMC की टीमें, 108 एंबुलेंस और बिजली वितरण कंपनी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी
हादसे के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहा है।
मौके पर BMC, पुलिस, NDRF और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें तैनात हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है।
पुलिस ने क्या बताया?
DCP गणेश शिंदे के मुताबिक, भारी बारिश के कारण इलाके में भूस्खलन हुआ। उनके अनुसार शुरुआती कार्रवाई में दो शव बरामद किए गए और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी था।
अधिकारियों की मौजूदगी में मलबे को सावधानी से हटाया जा रहा है, ताकि अगर कोई व्यक्ति अंदर फंसा हो तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
अवैध और कमजोर निर्माण पर फिर उठे सवाल
मुंबई में बारिश के दौरान पहाड़ी और ढलान वाले इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। इस हादसे ने एक बार फिर कमजोर और अनधिकृत निर्माण वाले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन और NDRF की ओर से ऐसे संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को पहले भी सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जाती रही है।
मुंबई, ठाणे और पालघर में बारिश का अलर्ट
मुंबई में मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
लगातार बारिश के कारण मुंबई के निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल-मलबे में और कितने लोग फंसे?
कुर्ला भूस्खलन के बाद राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों का पता लगाना, घायलों को अस्पताल पहुंचाना और इलाके को सुरक्षित करना है।
मृतकों की संख्या और मलबे में फंसे लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर अंतिम स्थिति रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगी।