भारतीय क्रिकेट के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग ने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ हालिया वनडे सीरीज में भारत की ओर से खेलते हुए 109 रन बनाए। वह इस सीरीज में कोई अर्धशतक नहीं लगा सके, लेकिन तीनों मुकाबलों में टीम को अच्छी शुरुआत देने में सफल रहे। आर्यवीर के प्रदर्शन के बाद अब उनके पिता वीरेंद्र सहवाग ने बताया है कि सीरीज शुरू होने से पहले उन्होंने बेटे को क्या सलाह दी थी।
सहवाग के मुताबिक उन्होंने आर्यवीर से साफ कहा था कि बड़े स्कोर बनाने के दबाव में खेलने के बजाय खुलकर बल्लेबाजी करो। उनके अनुसार अगर बल्लेबाज अपने खेल पर ध्यान देता है तो बड़े रन अपने आप आने लगते हैं।
‘बड़े रन बनाने की चिंता मत करो’
वीरेंद्र सहवाग ने एक इंटरव्यू में आर्यवीर के प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्होंने बेटे को मैदान पर बिना दबाव के खेलने की सलाह दी थी।
सहवाग ने कहा कि दबाव क्रिकेट का हिस्सा है, लेकिन बल्लेबाज को इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि उसे कितने रन बनाने हैं। उनके मुताबिक अगर आर्यवीर खुलकर बल्लेबाजी करेगा तो बड़े स्कोर बनाने के मौके अपने आप आएंगे।
पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी लगातार बड़े रन बनाने के बारे में सोचता रहेगा तो उसका ध्यान अपनी बल्लेबाजी की प्रक्रिया से हट सकता है।
‘लोग प्यार भी करेंगे और आलोचना भी’
आर्यवीर के सामने सिर्फ मैदान का प्रदर्शन ही चुनौती नहीं है। वह वीरेंद्र सहवाग के बेटे हैं, इसलिए उनके खेल को लेकर स्वाभाविक रूप से लोगों की नजर भी ज्यादा रहती है।
इसी दबाव को लेकर सहवाग ने बेटे को एक और महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि लोग किसी खिलाड़ी की तारीफ भी करेंगे और आलोचना भी, लेकिन खिलाड़ी को सोशल मीडिया या लोगों की राय के आधार पर अपनी सोच नहीं बदलनी चाहिए।
सहवाग के मुताबिक आर्यवीर को इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि वह अपने खेल में कितना सुधार कर रहा है।
सहवाग ने बेटे को बताया- प्रदर्शन ही सबसे बड़ा जवाब
वीरेंद्र सहवाग ने आर्यवीर को समझाया कि क्रिकेट में आंकड़े प्रदर्शन का एक अहम हिस्सा हैं। अगर बल्लेबाज रन बना रहा है तो उसका प्रदर्शन अच्छा माना जाएगा और अगर रन नहीं बना पा रहा है तो उसे अपनी कमियों पर काम करना होगा।
उनका कहना है कि बाहरी चर्चाओं और लोगों की राय पर प्रतिक्रिया देने के बजाय खिलाड़ी को अपनी प्रक्रिया, अभ्यास और विकास पर ध्यान देना चाहिए।
यानी सहवाग की सलाह का फोकस सिर्फ रन बनाने पर नहीं बल्कि लंबे क्रिकेट करियर के लिए मानसिकता तैयार करने पर भी है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आर्यवीर ने बनाए 109 रन
आर्यवीर सहवाग ने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में कुल 109 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 100 से ज्यादा रहा।
हालांकि सीरीज में वह अर्धशतक नहीं लगा सके। तीसरे वनडे में आर्यवीर ने 47 रन की पारी खेली और अर्धशतक से चूक गए।
तीनों मैचों में अच्छी शुरुआत के बावजूद वह अपनी पारी को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके। यही वजह है कि आने वाले मुकाबलों में उनकी नजर शुरुआत को बड़ी पारी में बदलने पर होगी।
पिता की सलाह से आर्यवीर के सामने साफ है रास्ता
वीरेंद्र सहवाग खुद अपने आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज के लिए पहचाने जाते रहे हैं। ऐसे में उनके बेटे आर्यवीर से भी क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीदें स्वाभाविक रूप से जुड़ी हैं।
लेकिन सहवाग की मौजूदा सलाह का संदेश साफ है नाम और उम्मीदों के दबाव में खेलने के बजाय अपनी बल्लेबाजी की प्रक्रिया पर भरोसा करो।
ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ 109 रन आर्यवीर के लिए आगे बढ़ने का एक पड़ाव हैं। अब उनके लिए चुनौती इस प्रदर्शन को निरंतरता में बदलने और अपनी बल्लेबाजी को अगले स्तर तक ले जाने की होगी।