उत्तराखंड पुलिस ने देश के सबसे खतरनाक साइबर क्राइम रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसने भोले-भाले यूजर्स के मोबाइल फोन को हैक कर 3.37 करोड़ रुपए से ज़्यादा की धोखाधड़ी की है. ये बस एक खबर नही बल्कि हर स्मार्टफोन यूजर के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है.
साइबर गेम का ‘लेवल-अप’: APK क्लोन से लूट
इस गैंग की टेक्नीक एकदम लेटेस्ट और हाई-टेक थी. उन्होंने फर्जी ऐप फाइल्स (APK Files) को अपना हथियार बनाया था. जैसे ही कोई यूजर सोशल मीडिया पर भेजे गए उस अनजान APK लिंक पर क्लिक करके फाइल डाउनलोड करता था, उसका पूरा मोबाइल डेटा, जैसे कि एक कॉपी, गैंग के पास ‘क्लोन’ हो जाता था.
क्लोनिंग के बाद, ठगों को आपकी बैंक डिटेल्स, OTPs और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री तक सब कुछ पता चल जाता था. वे तुरंत पैसा निकालकर कई फर्जी अकाउंट्स में भेज देते थे.
9 लाख रूपए की लड़ाई ने खुलवाया राज
इस बड़े स्कैम का खुलासा नैनीताल पुलिस की एक छोटी सी जांच से हुआ. तल्लीताल में एक कार में सवार चार युवक आपस में 9 लाख रूपए के कमीशन को लेकर लड़ रहे थे. पुलिस को शक हुआ और उन्होंने कार रोक ली.
पुलिस ने फौरन चारों को पकड़ा और उनके पास से 11 महंगे स्मार्टफोन्स (आईफोन, सैमसंग फोल्ड), 9 सिम कार्ड्स और ढेरों संदिग्ध दस्तावेज़ बरामद किए.
पकड़े गए चारों आरोपी राजस्थान, यूपी और हरियाणा से हैं और वे पढ़े-लिखे पॉलीटेक्निक/ग्रेजुएट हैं, जो बताता है कि अब साइबर क्रिमिनल्स भी प्रोफेशनल हो गए हैं.
पुलिस की SOS चेतावनी: ‘क्लिक’ करने से पहले सोचें
एसएसपी ने साफ कहा है कि साइबर अपराधी अब केवल फ़ोन कॉल नहीं कर रहे, बल्कि तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं. ‘किसी भी अनजान APK फाइल या लिंक को डाउनलोड न करें’.
पुलिस अब फोरेंसिक जांच कर रही है ताकि इस गैंग के सभी शिकारों और इनके पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके.