उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी भारी बारिश अब जानलेवा साबित हो रही है। अलग-अलग जिलों में बारिश, आंधी, पेड़ और मकान गिरने से 50 से ज्यादा लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। शनिवार शाम तक अलग-अलग रिपोर्टों में मौतों का आंकड़ा 57-58 तक पहुंच गया था। कई लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में मकानों व फसलों को नुकसान पहुंचा है।
राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में भारी जलभराव से जनजीवन प्रभावित है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को भी प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी है, हालांकि 28 सितंबर से बारिश की गतिविधि में कमी आने के संकेत हैं।
लखनऊ में बारिश से हाल बेहाल
राजधानी लखनऊ में इस मानसून सीजन की सबसे भारी बारिश दर्ज की गई। अमौसी मौसम केंद्र पर 24 घंटे में 135.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि हनुमान सेतु स्थित वेधशाला में इससे भी अधिक 201.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे शहर के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हो गईं।
आशियाना, जानकीपुरम, गोमती नगर और आसपास के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। कई जगह पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ।
आईएमडी के लखनऊ केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक 27 सितंबर को बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक हो सकती है, जबकि 28 सितंबर से फिलहाल कोई चेतावनी नहीं दी गई है।
75 में से 63 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
बारिश की स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश के 75 में से 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। राहत आयुक्त के मुताबिक पिछले 24 घंटे में राज्य में सामान्य के मुकाबले करीब 19 गुना बारिश रिकॉर्ड हुई।
बहराइच, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, हमीरपुर और बांदा समेत कई जिलों में बारिश का असर ज्यादा रहा। तेज हवाओं और वज्रपात ने भी मुश्किलें बढ़ाईं।
बारिश और तूफान से मौतों का आंकड़ा बढ़ा
लगातार बारिश के बीच अलग-अलग हादसों में मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है। मकान और दीवार गिरने, पेड़ गिरने तथा अन्य बारिश जनित हादसों में अवध, बुंदेलखंड, मध्य यूपी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिले प्रभावित हुए हैं।
26 सितंबर की शाम तक एक रिपोर्ट में 57 मौतों की सूचना थी, जबकि रविवार सुबह तक कुछ रिपोर्टों में यह संख्या 58 बताई गई। इसलिए मौतों का आंकड़ा प्रशासन की अगली आधिकारिक रिपोर्ट के साथ और बदल सकता है।
फतेहपुर में मकान गिरने से बच्चे की मौत, बांदा में मकान गिरने से बुजुर्ग महिला की मौत और गोंडा में पेड़ गिरने से लोगों की जान जाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं।
आज भी कई जिलों में भारी बारिश का खतरा
मौसम विभाग के मुताबिक 27 सितंबर को यूपी के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तराई और पूर्वी हिस्सों के कई जिलों में भी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है।
आईएमडी के सब-डिविजनल पूर्वानुमान में 27 सितंबर को पूर्वी यूपी के लिए भारी बारिश और पश्चिमी यूपी के लिए बहुत भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की गई है। 28 सितंबर से दोनों क्षेत्रों के लिए फिलहाल कोई चेतावनी नहीं है।
नेपाल की बारिश से पूर्वी यूपी में भी चिंता
पूर्वी उत्तर प्रदेश में नेपाल के पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। कुशीनगर में गंडक नदी का डिस्चार्ज तीन लाख क्यूसेक से ऊपर पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है। तटवर्ती इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई है।
ऐसे में गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर और आसपास के जिलों में बारिश के साथ नदी के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर है।
28 सितंबर से मिल सकती है राहत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 27 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। आईएमडी के पूर्वानुमान में 28 सितंबर से यूपी के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों के लिए फिलहाल कोई मौसम चेतावनी नहीं दी गई है।
हालांकि तब तक लोगों को जलभराव वाले इलाकों, कमजोर मकानों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। तेज बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना भी जरूरी है।
UP Rain News: एक नजर में
- यूपी में बारिश जनित हादसों में 50 से ज्यादा मौतों की रिपोर्ट
- 75 में से 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
- लखनऊ में सीजन की सबसे भारी बारिश
- कई शहरों में सड़कें और रिहायशी इलाके जलमग्न
- 27 सितंबर को भी कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
- नेपाल की बारिश के चलते पूर्वी यूपी की नदियों पर नजर
- 28 सितंबर से बारिश में कमी के संकेत