उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों पर मतदान के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने फतेहपुर में कथित बूथ लूट का आरोप लगाते हुए तंज किया कि क्या आज चुनाव आयोग का अवकाश है। अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरे प्रदेश में ऐसी घटनाओं से जुड़े वीडियो रिकॉर्ड कर रही है और इनके आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग को ‘नींद की गोली’ खिला दी गई है और भाजपा के लोग अपने साथियों के साथ फतेहपुर में बूथ लूटने आए हैं। उन्होंने आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि उससे अपील करने का भी कोई फायदा नहीं, जिससे कोई उम्मीद ही न हो।
दोपहर 12 बजे तक का मतदान प्रतिशत (District-Wise Voter Turnout)
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे तक के जो आधिकारिक आंकड़े सामने आए हैं, उनके मुताबिक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग अधिक दर्ज की गई है:

दोपहर 12 बजे तक स्नातक सीटों पर कहां कितना मतदान?
23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12 बजे तक जारी आंकड़ों के मुताबिक, स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मेरठ में सबसे अधिक 18.12 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। आगरा में 18.05 प्रतिशत और लखनऊ में 15.73 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का मतदान प्रतिशत इस प्रकार रहा:
- मेरठ: 18.12%
- आगरा: 18.05%
- लखनऊ: 15.73%
- वाराणसी: 15.08%
- इलाहाबाद-झांसी: 13.35%
इन आंकड़ों में मेरठ और आगरा के बीच मतदान प्रतिशत का अंतर बेहद कम रहा, जबकि इलाहाबाद-झांसी में दोपहर 12 बजे तक सबसे कम मतदान दर्ज किया गया।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में बरेली-मुरादाबाद सबसे आगे
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में दोपहर 12 बजे तक स्नातक सीटों के मुकाबले अधिक मतदान दर्ज किया गया। बरेली-मुरादाबाद खंड 38.16 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रहा। गोरखपुर-फैजाबाद में 36.07 प्रतिशत और वाराणसी में 34.71 प्रतिशत मतदान हुआ।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के आंकड़े:
- बरेली-मुरादाबाद: 38.16%
- गोरखपुर-फैजाबाद: 36.07%
- वाराणसी: 34.71%
- मेरठ: 32.44%
- आगरा: 26.70%
- लखनऊ: 16.61%
इन आंकड़ों के अनुसार, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में बरेली-मुरादाबाद में सबसे ज्यादा और लखनऊ में सबसे कम मतदान हुआ। हालांकि, अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या और मतदान की प्रवृत्ति अलग हो सकती है।