मुंबई/वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक आक्रामक बयान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था सहित भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) की नींव हिला दी है। ईरान पर “भीषण हमले” की चेतावनी के बाद गुरुवार को भारतीय बाजार खुलते ही ताश के पत्तों की तरह ढह गया। महज एक मिनट के भीतर निवेशकों की 11 लाख करोड़ रुपये की गाढ़ी कमाई डूब गई।
मार्केट कैप में सेंध: बुधवार को बीएसई का मार्केट कैप 422.01 लाख करोड़ रुपये था, जो गुरुवार सुबह गिरकर 412 लाख करोड़ रुपये पर आ गया।
ट्रंप की ‘जोरदार’ हमले की धमकी और तेल का खेल
राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में युद्ध खत्म करने का कोई स्पष्ट रोडमैप तो नहीं दिया, लेकिन यह जरूर कह दिया कि अगले 2-3 हफ्तों में अमेरिका ईरान पर “बहुत जोरदार” हमला करेगा। इस बयान ने आग में घी का काम किया:
क्रूड ऑयल में उबाल: ब्रेंट क्रूड 4% उछलकर $105 प्रति बैरल के पार निकल गया।
होर्मुज स्ट्रेट का सस्पेंस: इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के भविष्य पर स्पष्टता न होने से वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने का डर बढ़ गया है।
एशियाई बाजारों में भगदड़: जापान का निक्केई और कोरिया का कोस्पी भी 4% तक टूट गए।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट (Middle East) से शांति के संकेत नहीं मिलते, तब तक उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। छोटे निवेशकों को फिलहाल जल्दबाजी में खरीदारी करने के बजाय बाजार के स्थिर होने का इंतजार करने की सलाह दी गई है।
बड़ी बात: “अगले 21 दिन वैश्विक बाजारों के लिए बेहद संवेदनशील हैं। ट्रंप की सैन्य कार्रवाई का फैसला तय करेगा कि सेंसेक्स की रिकवरी होगी या यह और नीचे गिरेगा।” — मार्केट एक्सपर्ट
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