वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में इस वक्त भारी उथल-पुथल मची है। एक तरफ अमेरिका ईरान के साथ युद्ध (Iran War) की स्थितियों से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ व्हाइट हाउस के भीतर ‘इस्तीफों और बर्खास्तगी’ का दौर शुरू हो गया है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप अपनी कैबिनेट में अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल करने जा रहे हैं।
अटलांटिक न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले FBI डायरेक्टर काश पटेल को पद छोड़ना पड़ सकता है। उनके साथ ही आर्मी सेक्रेटरी और लेबर सेक्रेटरी पर भी गाज गिरनी तय मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाम बोंडी को हटाने के पीछे ‘एपस्टीन फाइल्स’ (Epstein Files) का सही से निपटारा न कर पाना एक बड़ी वजह रही। ट्रंप जस्टिस डिपार्टमेंट पर पूर्ण नियंत्रण चाहते थे, और फाइलों को सार्वजनिक करने में देरी से वह नाराज थे। ट्रंप ने बोंडी को भेजे संदेश में स्पष्ट कहा कि “देरी हमारी साख खत्म कर रही है।”
ईरान के साथ शुरू हुए युद्ध के बाद से ट्रंप की लोकप्रियता (Approval Rating) में गिरावट आई है। राजनीतिक दबाव को कम करने के लिए वह अब कड़े फैसले ले रहे हैं।
मध्यावधि चुनाव (Midterms): पहले योजना थी कि चुनाव के बाद बदलाव किए जाएंगे, लेकिन गिरती साख ने ट्रंप को समय से पहले एक्शन लेने पर मजबूर कर दिया है।
वफादारी बनाम परफॉरमेंस: ट्रंप अब केवल वफादारी नहीं, बल्कि त्वरित परिणाम (Quick Results) चाहते हैं।
ट्रंप का यह ‘क्लीनअप ऑपरेशन’ संकेत है कि वह अपनी गिरती रेटिंग्स को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। काश पटेल जैसे दिग्गजों की विदाई ट्रंप प्रशासन के लिए एक नया मोड़ साबित हो सकती है।
बिहार में शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का इंतजार अब आंदोलन में बदल गया है।…
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आगामी 'छात्रों की गूंज' सभा से ठीक…
भारतीय टेनिस की पहचान रही सानिया मिर्जा एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस…
राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को लेकर उठे राजनीतिक विवाद पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन…
पुणे की विशेष MP-MLA अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले की…
युवा मामले और खेल मंत्रालय ने मंगलवार को 'राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025' की आधिकारिक घोषणा…