अमेरिका: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगामी मिडटर्म चुनाव को लेकर बड़ा आर्थिक वादा किया है। उन्होंने कहा है कि अगर रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों में बहुमत हासिल करती है, तो अमेरिका के हर बालिग नागरिक को 5,000 डॉलर यानी करीब 4.76 लाख रुपये दिए जाएंगे। ट्रंप ने इस प्रस्ताव को ‘ट्रंप डिविडेंड’ नाम दिया है और इसे अमेरिका की आर्थिक मजबूती का फायदा बताया है।
डलास में आयोजित रिपब्लिकन कन्वेंशन में जनसभा को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह राशि अमेरिकी नागरिकों को देश की आर्थिक सफलता के उपहार के तौर पर दी जाएगी। हालांकि, इस रकम को लेकर एक शर्त भी रखी गई है। ट्रंप के मुताबिक चुनाव में जीत के बाद मिलने वाली राशि का इस्तेमाल केवल अमेरिका के भीतर ही किया जा सकेगा। अभी यह साफ नहीं किया गया है कि इस योजना के लिए इतनी बड़ी रकम कहां से जुटाई जाएगी और नागरिकों तक इसका वितरण किस प्रक्रिया से होगा।
अमेरिका में करीब 26.98 करोड़ बालिग नागरिक हैं। अगर इनमें से प्रत्येक को 5,000 डॉलर दिए जाते हैं तो कुल खर्च लगभग 1.35 ट्रिलियन डॉलर होगा। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 128.25 लाख करोड़ रुपये बैठती है। यह संभावित खर्च दुनिया के 162 से अधिक देशों की कुल अर्थव्यवस्था से भी ज्यादा है। वहीं, यह पाकिस्तान की कुल अर्थव्यवस्था के मुकाबले करीब 3.3 गुना बड़ा है। विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक दुनिया में केवल 19 देशों की जीडीपी ही 1.35 ट्रिलियन डॉलर से अधिक है।
ट्रंप के ऐलान के बाद उनके सहयोगी जेडी वेंस ने योजना को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव का लाभ अमेरिका के अमीर वर्ग को नहीं दिया जाएगा। वेंस के मुताबिक योजना के लिए जरूरी धन विदेशी सामानों पर लगाए जाने वाले शुल्क से जुटाया जा सकता है। हालांकि, आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि शुल्क से होने वाली आय इतनी बड़ी नहीं है कि उससे इस पूरे खर्च की भरपाई की जा सके।
ट्रंप का यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था पहले ही भारी वित्तीय दबाव का सामना कर रही है। अमेरिका का वार्षिक बजट घाटा करीब 1.8 ट्रिलियन डॉलर है। इसके अलावा देश का कुल राष्ट्रीय कर्ज हाल ही में इतिहास में पहली बार 40 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है। ऐसे में 1.35 ट्रिलियन डॉलर की इस योजना ने इसके वित्तीय असर को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमेरिका में राष्ट्रपति के कार्यकाल के दो साल बाद मिडटर्म चुनाव होते हैं। इनमें प्रतिनिधि सभा की सभी सीटों और सीनेट की करीब एक-तिहाई सीटों पर मतदान होता है। आम तौर पर इन चुनावों में राष्ट्रपति की सत्ताधारी पार्टी को सीटों का नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में प्रतिनिधि सभा और सीनेट में बहुमत बनाए रखने के लिए ट्रंप की ओर से यह बड़ा आर्थिक वादा चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
ट्रंप इससे पहले 2,000 डॉलर के नागरिक डिविडेंड और सैनिकों के लिए 1,776 डॉलर के वॉरियर डिविडेंड का भी ऐलान कर चुके हैं।
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