Trending News

ट्रंप, 72 घंटे, 3 विरोधी ढेर, ब्रिटेन, पेरू, कोलंबिया, तख्तापलट, वैश्विक दबदबा, बिना युद्ध जीत

कहते हैं कि राजनीति में सबसे बड़ा योद्धा वह नहीं होता जो युद्ध के मैदान में तलवार चलाए, बल्कि वह होता है जिसके नाम के खौफ से ही दुश्मन के किले ढह जाएं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ पिछले 72 घंटों में कुछ ऐसा ही हुआ है। बिना किसी अतिरिक्त सैन्य खर्च या वाशिंगटन से कोई नया आदेश जारी हुए, दुनिया के तीन अलग-अलग कोनों से ट्रंप के लिए लगातार तीन ऐसी खबरें आईं, जिसने व्हाइट हाउस का सिरदर्द पूरी तरह खत्म कर दिया है।

22 से 24 जून के बीच वैश्विक राजनीति में आया यह भूचाल ट्रंप प्रशासन के लिए किसी ‘लॉटरी’ से कम नहीं है। ब्रिटेन से लेकर लातनी अमेरिका (पेरू और कोलंबिया) तक, ट्रंप के धुर विरोधी या तो सत्ता से बेदखल हो गए हैं या पतन की कगार पर हैं।

1. ब्रिटेन: ‘न्यूट्रल’ रहने की जिद पड़ी भारी, स्टार्मर का गेम ओवर

ग्रेट ब्रिटेन और अमेरिका का गठबंधन नाटो (NATO) की रीढ़ माना जाता है, लेकिन ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ईरान के मुद्दे पर अमेरिका की पीठ में छुरा घोंपने का काम किया था। वॉशिंगटन गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन स्टार्मर ‘न्यूट्रल’ होने का नाटक करते रहे। इतना ही नहीं, चागोस द्वीप समूह के मुद्दे पर भी स्टार्मर ने ट्रंप की बात को अनसुना कर दिया था।

ट्रंप ने कभी स्टार्मर को नहीं बख्शा और आज नतीजा सामने है। लेबर पार्टी के अंदरूनी विद्रोह ने स्टार्मर को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। इसे ट्रंप की ‘साइलेंट डिप्लोमेसी’ की जीत माना जा रहा है, जिसने ब्रिटेन को यह संदेश दे दिया कि अमेरिका को नजरअंदाज करने वाले नेता अपने ही देश में टिक नहीं पाते।

2. पेरू: कम्युनिस्टों को ट्रंप की ‘वार्निंग’, जनता ने सुना दिया फैसला

पेरू में लंबे समय से लाल झंडा बुलंद करने वाले कम्युनिस्टों के हौसले बुलंद थे। ट्रंप ने हाल ही में खुली चेतावनी दी थी कि अगर पेरू में फिर से कम्युनिस्ट सत्ता में आए, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।

ट्रंप की इस सीधी धमकी का असर पेरू की जनता पर इस कदर हुआ कि उन्होंने कम्युनिस्ट नेता सांचेज को सत्ता से उखाड़ फेंका। कंजर्वेटिव नेता केइको फुजीमोरी की जीत ने यह साबित कर दिया है कि लातनी अमेरिका अब ट्रंप के डर और उनकी विचारधारा के आगे सरेंडर कर रहा है। ट्रंप को यहाँ बिना एक भी सैनिक भेजे ‘कम्युनिज्म’ पर बड़ी जीत मिल गई है।

3. कोलंबिया: ‘डील’ भी काम न आई, ट्रंप समर्थित उम्मीदवार की एंट्री

वेनेजुएला के मादुरो के बाद ट्रंप की हिटलिस्ट में कोलंबिया के गुस्तावो पेट्रो थे। जनवरी 2026 में ट्रंप ने कोलंबिया पर सैन्य कार्रवाई तक का ऐलान कर दिया था। हालांकि गुस्तावो ने जैसे-तैसे डील करके खुद को बचा लिया था, लेकिन व्हाइट हाउस की नजरों में वो हमेशा खटकते रहे।

ट्रंप का शिकंजा इतना मजबूत था कि कोलंबिया के चुनावी अखाड़े में गुस्तावो के करीबी इवान केपेडा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ रहा है। ट्रंप के खासमखास ‘डे ला एसप्रेला’ ने इस रेस में भारी बढ़त बना ली है। यह कोलंबिया में अमेरिकी प्रभाव की री-एंट्री है।

इस पूरे घटनाक्रम को वैश्विक राजनीतिक विश्लेषक “ट्रंप इफ़ेक्ट 2.0” का नाम दे रहे हैं। दुनिया के नक्शे पर एक साथ तीन बड़े बदलाव यह साफ करते हैं कि ट्रंप को अपने दुश्मनों को निपटाने के लिए अब सेना भेजने की जरूरत नहीं है, उनका ‘नाम’ ही वैश्विक सत्ता पलटने के लिए काफी है। व्हाइट हाउस के लिए इससे बड़ी राहत और क्या होगी कि बिना एक डॉलर खर्च किए, उनके तीन सबसे बड़े सिरदर्द इतिहास का हिस्सा बन गए।

news desk

Recent Posts

शादी टूटने के बाद मौनी रॉय का इमोशनल पोस्ट हुआ वायरल! दर्द से उबरने के लिए ले रही इस चीज़ का सहारा

टीवी और फिल्म अभिनेत्री मौनी रॉय इन दिनों अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में…

40 minutes ago

ऋषभ पंत की दिल्ली कैपिटल्स में वापसी, LSG को कहा ‘Thank You Team’

IPL 2027 से पहले हुए हाई-प्रोफाइल ट्रेड ने क्रिकेट फैंस को चौंका दिया है। विकेटकीपर-बल्लेबाज…

2 hours ago

ब्रेकअप की अफवाहों पर तृषा ने तोड़ी चुप्पी! थलापति को खास अंदाज में किया बर्थडे विश, लिखा- “उस इंसान के लिए जो सब कुछ……”

सोशल मीडिया पर गॉसिप्स और अफवाहों का बाजार जितनी तेजी से गर्म होता है, उतनी…

2 hours ago

LSG : ऋषभ पंत के बाद लांस क्लूजनर की जगह केरल के पूर्व क्रिकेटर जी. जयकुमार लखनऊ के नए बैटिंग कोच बने

लखनऊ। आईपीएल 2027 से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) में बड़े बदलाव देखने को मिल…

3 hours ago

बदल गया UPI का सबसे बड़ा नियम! करोड़ों यूजर्स के मोबाइल में होने जा रहा है ये बड़ा बदलाव

अगर आप भी UPI का इस्तेमाल करते हैं और अलग-अलग ऐप पर सेट किए गए…

4 hours ago