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कांचरापाड़ा में ममता बनर्जी का विरोध: TMC कार्यकर्ता की मौत पर पहुंचीं, जूते-कीचड़ फेंके गए, BJP-TMC आमने-सामने

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांचरापाड़ा में पुलिस कस्टडी में एक व्यक्ति की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए, जब पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं और उन्हें कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। उनके काफिले को घेरकर प्रदर्शन किया गया, ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए गए और उनकी गाड़ी पर कीचड़ व जूते तक फेंके गए।

यह पूरा विवाद उस घटना से जुड़ा है जिसमें कांचरापाड़ा नगरपालिका की पूर्व पार्षद जेनी शर्मा के पति बिरजू कीट की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। बिरजू को जबरन वसूली समेत कई आरोपों में गिरफ्तार किया गया था और अदालत ने उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा था। लेकिन हिरासत के दौरान ही उनकी मौत हो गई, जिसके बाद परिवार ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया है।

ममता का हमला—“बंगाल गुंडों के हाथ में”
ममता बनर्जी ने इस घटना को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गाड़ी पर ईंटें फेंकी गईं और पुलिस मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कहा, “मेरा सिर फट सकता था, मैं मर भी सकती थी। पुलिस BJP को बचा रही है। बंगाल गुंडों के हाथ में चला गया है, हम इस मामले में केस करेंगे।”

उन्होंने विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक संरक्षण में हिंसा हो रही है। उनके साथ मौजूद सांसद कल्याण बनर्जी और डोला सेन ने भी प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगाए।

भाजपा का पलटवार
दूसरी ओर भाजपा ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया। भाजपा नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी जानबूझकर माहौल भड़काने के लिए कांचरापाड़ा पहुंचीं। मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा, “वह गिद्ध की तरह घटनाओं का राजनीतिक फायदा उठाने पहुंचती हैं। अगर कोई दोषी है तो उसे सजा मिलेगी, लेकिन जनता अब सब समझ चुकी है।”

पहले भी हो चुका है हमला
यह पहली बार नहीं है जब TMC नेताओं को विरोध का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले डॉयमंड हार्बर में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर भी हमला हुआ था, जहां प्रदर्शनकारियों ने उन पर अंडे फेंके और उनके कपड़े तक फाड़ दिए थे।

सियासी टकराव तेज
इस घटना ने एक बार फिर बंगाल की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा को लेकर बहस तेज कर दी है। जहां TMC इसे साजिश और प्रशासनिक विफलता बता रही है, वहीं भाजपा इसे जनता के गुस्से का नतीजा बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

news desk

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