न्यूयार्क: अमेरिका में 2025 के दौरान कुल हेट क्राइम के मामलों में कमी दर्ज हुई, लेकिन इसी अवधि में सिख और हिंदू समुदाय को निशाना बनाने वाली घटनाएं बढ़ गईं। FBI के आंकड़ों में यह विरोधाभास सामने आया है। जानिए 2024 और 2025 के आंकड़े क्या कहते हैं और भारतीय मूल के लोगों के लिए यह कितना चिंताजनक संकेत है।
कुल हेट क्राइम में आई कमी, लेकिन सिखों-हिंदुओं के मामले बढ़े
अमेरिका में हेट क्राइम यानी नफरत से प्रेरित अपराधों के कुल मामलों में 2025 में गिरावट दर्ज की गई। FBI के मुताबिक, 2024 में जहां 11,679 हेट क्राइम दर्ज किए गए थे, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 10,881 रह गई। यानी कुल मामलों में करीब 7 फीसदी की कमी आई।
लेकिन इसी दौरान सिख और हिंदू समुदाय के खिलाफ धार्मिक पूर्वाग्रह से जुड़े अपराधों में बढ़ोतरी हुई। यही आंकड़ा अमेरिकी समाज में भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाता है।
सिखों के खिलाफ हेट क्राइम में कितना इजाफा हुआ?
2025 में धार्मिक पूर्वाग्रह से जुड़े 2,703 अपराध दर्ज किए गए, जिनमें एक ही तरह का धार्मिक पूर्वाग्रह शामिल था। इनमें करीब 7 फीसदी मामले सिख विरोधी पूर्वाग्रह से जुड़े थे। इस हिसाब से लगभग 190 घटनाएं सिख समुदाय को निशाना बनाकर हुईं।
इसके मुकाबले 2024 में धार्मिक पूर्वाग्रह से जुड़े 3,096 अपराध दर्ज किए गए थे। इनमें सिख विरोधी पूर्वाग्रह वाले मामले 4.9 फीसदी यानी करीब 152 थे।
इस तरह एक साल में सिख विरोधी पूर्वाग्रह से जुड़े मामलों में करीब 24.34 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
हिंदुओं को निशाना बनाने वाले मामले भी बढ़े
हिंदू विरोधी पूर्वाग्रह से जुड़े मामलों में भी बढ़ोतरी देखने को मिली। 2025 में धार्मिक पूर्वाग्रह से जुड़े अपराधों में करीब 1.2 फीसदी मामले हिंदू विरोधी थे। यह संख्या लगभग 32 मामलों के आसपास बैठती है।
2024 में हिंदू विरोधी पूर्वाग्रह वाले मामले करीब 0.8 फीसदी थे, यानी लगभग 25 घटनाएं। इस आधार पर हिंदू विरोधी हेट क्राइम में करीब 28 फीसदी का इजाफा हुआ।
FBI के आंकड़े भारतीय मूल के लोगों के लिए क्यों अहम हैं?
अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए FBI के डेटा में ‘इंडियन अमेरिकन’ नाम से कोई अलग कैटेगरी नहीं है। किसी भारतीय मूल के व्यक्ति के खिलाफ हुई घटना को मामले में दर्ज पूर्वाग्रह के आधार पर धर्म, नस्ल, जातीयता या वंश जैसी श्रेणियों में रखा जा सकता है।
इसलिए केवल FBI के आंकड़ों के आधार पर अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ होने वाले हर तरह के अपराध की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती।
क्या असली संख्या FBI के आंकड़ों से ज्यादा हो सकती है?
हां, इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। FBI के आंकड़ों में वही हेट क्राइम शामिल होते हैं, जो रिपोर्ट किए गए हों। इसके अलावा कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए इस डेटा कलेक्शन में भाग लेना स्वैच्छिक है।
यानी हर घटना का FBI के रिकॉर्ड में पहुंचना जरूरी नहीं है। यही वजह है कि रिपोर्ट किए गए मामलों की संख्या वास्तविक घटनाओं से कम हो सकती है।
एशियन अमेरिकंस एडवांसिंग जस्टिस की स्टडी के मुताबिक, अमेरिका में हेट क्राइम के मामले 2020 से पहले के औसत स्तर की तुलना में अब भी दोगुने से ज्यादा हैं।
एक तरफ कुल मामले घटे, दूसरी तरफ धार्मिक नफरत बढ़ी
FBI के आंकड़ों की सबसे अहम बात यही है कि अमेरिका में हेट क्राइम की कुल संख्या भले ही 2025 में कम हुई हो, लेकिन सिख और हिंदू समुदाय के खिलाफ धार्मिक पूर्वाग्रह से जुड़े अपराधों का ग्राफ ऊपर गया।
आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि इन दोनों समुदायों के खिलाफ दर्ज धार्मिक पूर्वाग्रह वाले मामले अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में पहुंच गए हैं। ऐसे में कुल हेट क्राइम में आई गिरावट के बावजूद भारतीय मूल के लोगों के लिए तस्वीर पूरी तरह राहत देने वाली नहीं है।