कहते हैं कि इश्क और जंग में सब जायज है, लेकिन रामपुर के एक शख्स के लिए ये जंग अब ‘टाइम-टेबल’ की मोहताज हो गई है। यहाँ एक पति को दो पत्नियों के बीच ऐसा बांटा गया है जैसे कोई जायदाद या राशन की दुकान हो। पुलिस कार्रवाई और अदालती चक्करों से थक चुके इस परिवार के लिए गांव की पंचायत ने जो ‘जजमेंट’ सुनाया है, वह सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। औरे अंत में जो समझौता हुआ, उसने इस पारिवारिक झगड़े को किसी ‘कॉर्पोरेट शिफ्ट ड्यूटी’ में बदल दिया।
क्या था पूरा मामला?
अजीमनगर थाना क्षेत्र के नगलिया आकिल गांव में रहने वाले एक युवक ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी अरेंज मैरिज के जरिए घर आई थी, तो दूसरी को वो लव मैरिज करके लाया था। शुरू में तो सब ठीक रहा, लेकिन जल्द ही दोनों पत्नियों के बीच पति के ‘हक’ को लेकर जंग छिड़ गई।
झगड़ा इतना बढ़ा कि रोज की मार-पीट और गाली-गलौज ने मोहल्ले का सुकून छीन लिया। पुलिस के पास भी शिकायतें पहुंचीं, लेकिन जब बात घर की थी, तो गांव के बड़े-बुजुर्गों ने पंचायत बुलाने का फैसला किया।
पंचायत का ‘नायाब इंसाफ’
भरी पंचायत में घंटों बहस चली। दोनों पत्नियां अपनी-अपनी बात पर अड़ी थीं। आखिर में सरपंचों ने एक ऐसा ‘शिड्यूल’ तैयार किया जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
पंचायत में तय हुआ पति का वीकली शेड्यूल: सोमवार से बुधवार पति अपनी पहली पत्नी के घर हाजिरी लगाएगा और गुरुवार से शनिवार तक पति दूसरी पत्नी की सेवा में हाजिर रहेगा। और इससे भी मज़ेदार बात आए रविवार की ‘वीकली ऑफ’ कि सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि रविवार के दिन पति को ‘छुट्टी’ दे दी गई है। इस दिन वो आज़ाद परिंदे की तरह आजाद है उस दीन वो चाहे तो अकेले रहे, चाहे अपनी मर्जी से कहीं भी जाए।
समझौते को कानूनी रूप देने के लिए इसे स्टाम्प पेपर पर लिखित में दर्ज किया गया है। साथ ही, पति को भविष्य की सुरक्षा के तौर पर अपने दोनों फ्लैट दोनों पत्नियों के नाम करने का भी आदेश दिया गया।
कानून का डर और समझौता
पंचायत ने साफ कर दिया है कि अगर पति ने इस ‘शिफ्ट’ में एक भी दिन की हेरा-फेरी की, तो पहली पत्नी को उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई (FIR) करने का पूरा हक होगा। फिलहाल, गांव में इस ‘संडे हॉलिडे’ वाले समझौते की खूब चर्चा हो रही है। लोग कह रहे हैं कि रामपुर के इस पति को अब अपनी निजी जिंदगी जीने के लिए भी ‘कैलेंडर’ देखना पड़ेगा।