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लखनऊ में ठगी के तीसरे कॉल सेंटर का भंडाफोड़, अमेरिकी नागरिकों को बनाते थे निशाना; 23 दिन में 168 जालसाज गिरफ्तार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। पुलिस ने शहर में चल रहे तीसरे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 35 कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी कर रहा था।

एक जुलाई से अब तक शहर के अलग-अलग इलाकों में संचालित तीन फर्जी कॉल सेंटरों का पर्दाफाश किया जा चुका है। इन कार्रवाइयों में अब तक कुल 168 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

छह महीने में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी का आरोप

पुलिस के अनुसार, गिरोह ने करीब छह महीने पहले साइबर हाइट्स की चौथी मंजिल पर कॉल सेंटर शुरू किया था। यहां से अमेरिकी नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी गिरफ्तारी वारंट और नागरिकता रद्द करने जैसी धमकियां देकर ठगी की जाती थी।

आरोपी खुद को एप्पल कस्टमर सपोर्ट या अमेरिकी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को जाल में फंसाते थे। जांच में सामने आया है कि एक टेलीकॉलर प्रतिदिन एक अमेरिकी नागरिक से करीब 5,000 डॉलर तक की ठगी करता था। पुलिस का अनुमान है कि गिरोह छह महीने में 100 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी कर चुका है।

रात तीन बजे छापा, मौके पर चल रही थी ठगी

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिलने के बाद देर रात साइबर हाइट्स स्थित फ्लैट नंबर 420-ए पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान कॉल सेंटर पूरी तरह संचालित अवस्था में मिला, जहां 35 कर्मचारी काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, उस समय कई अमेरिकी नागरिकों से कॉल पर बातचीत चल रही थी।

जांच में पता चला कि गिरोह विदेश में बैठे एजेंटों के नेटवर्क के जरिए ठगी को अंजाम देता था।

चार आरोपी गिरफ्तार, कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

पुलिस ने कॉल सेंटर के संचालक सूरज त्रिपाठी, उसके मामा राहुल त्रिपाठी, फुफेरे भाई विवेक पांडेय और फर्जी वेबसाइट तैयार करने वाले आकाश अरुण दत्ता उर्फ रिक्की को गिरफ्तार किया है।

हिरासत में लिए गए कर्मचारी उत्तराखंड, नेपाल, मुंबई, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों के बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में कई कर्मचारियों ने दावा किया है कि उन्हें ठगी की जानकारी नहीं थी। पुलिस अब उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है।

छापेमारी में मिला भारी मात्रा में सामान

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कॉल सेंटर से 31 लैपटॉप, 32 माउस, 14 मोबाइल फोन, 35 चार्जर और हेडसेट, दो राउटर, 18 लाख रुपये नकद, सरगना की कार तथा फर्जी एप्पल कस्टमर सपोर्ट वेबसाइट से जुड़े दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का डेटा साइबर क्राइम सेल खंगाल रही है।

vineet verma

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