तमिलनाडु में अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर विवाद के बीच मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने महिलाओं के खिलाफ की जाने वाली आपत्तिजनक टिप्पणियों पर कड़ा रुख अपनाया है। विधानसभा में सोमवार को मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि राजनीतिक विरोध और आलोचना अपनी जगह है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
विजय ने कहा कि उनकी राजनीतिक सफलता में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और वह महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र भाषा को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
यह मामला उस समय राजनीतिक रूप से गरमा गया जब डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन पर तृषा कृष्णन को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप लगे। उनके बयान के विरोध में विजय की पार्टी टीवीके की ओर से प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के बाद पुलिस कार्रवाई और हिरासत को लेकर भी मामला आगे बढ़ा। इसके बाद स्टालिन ने मद्रास हाई कोर्ट का रुख किया और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय ने महिलाओं के सम्मान को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राजनीतिक आलोचना कितनी भी तीखी क्यों न हो, उसे व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणियों की सीमा पार नहीं करनी चाहिए।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब तृषा कृष्णन से जुड़ा विवाद तमिलनाडु की राजनीति में चर्चा का बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
इसी बीच तृषा कृष्णन के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से अपमानजनक पोस्ट करने के मामले में चेन्नई साइबर क्राइम पुलिस ने एंटरप्रेन्योर प्रवीन गणेशन को गिरफ्तार किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक 35 वर्षीय गणेशन हांगकांग से भारत लौट रहे थे। दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लिया। गणेशन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि जून में किए गए एक X पोस्ट को लेकर उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया था। उनका कहना था कि संबंधित पोस्ट बाद में डिलीट कर दिया गया।
तृषा कृष्णन और मुख्यमंत्री विजय की सार्वजनिक मौजूदगी भी इस पूरे विवाद के बीच चर्चा में है। तृषा विजय के शपथ ग्रहण समारोह में नजर आई थीं। इसके अलावा हाल में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में भी वह पहली पंक्ति में दिखाई दीं।
हालांकि, दोनों के बीच निजी रिश्ते को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन सार्वजनिक तौर पर इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
विजय की पार्टी टीवीके के सत्ता में आने के बाद तृषा विवाद ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। एक तरफ मुख्यमंत्री महिलाओं के सम्मान को लेकर सख्त संदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक बयानबाजी ने इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
अब नजर इस बात पर है कि तृषा कृष्णन से जुड़े मामलों में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है और क्या राजनीतिक दल महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी को लेकर अपने नेताओं और समर्थकों के खिलाफ भी समान रूप से सख्त रुख अपनाते हैं।
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