नई दिल्ली: जंतर-मंतर से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें हिरासत में लिया गया। साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि अब उनका आंदोलन केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी की जाएगी।
अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई पर लगाए गंभीर आरोप
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि शनिवार सुबह पुलिस बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंची और भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन वहां से हटाकर ले गई। उन्होंने दावा किया कि वांगचुक के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की गई तथा समर्थकों को भी रोका गया।
दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि जैसे ही उन्हें कार्रवाई की जानकारी मिली और वह जंतर-मंतर पहुंचने लगे, रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। उनके मुताबिक, उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें घसीटा गया और कुछ समय के लिए बंद रखा गया।
‘ये दिल्ली पुलिस नहीं, आरएसएस के गुंडे हैं’
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में मौजूद छात्रों के साथ भी कथित तौर पर मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। दीपके ने दावा किया कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उनका मुंह दबाकर उन्हें चुप कराने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना ने सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अब पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग का ऐलान
दीपके ने कहा कि अब तक उनका आंदोलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तक सीमित था, लेकिन शनिवार की कार्रवाई के बाद आंदोलन का दायरा बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की भी मांग करेगी।
उन्होंने देशभर के लोगों से अपील की कि वे सोनम वांगचुक के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें और आंदोलन से जुड़ें।
20 जुलाई के संसद मार्च पर कायम रहने का दावा
अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि प्रशासन को लगता है कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने से आंदोलन खत्म हो जाएगा, तो यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन जारी रहेगा और 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च भी आयोजित किया जाएगा।
20 दिनों से अनशन पर थे सोनम वांगचुक
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 20 दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले गई। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति और अदालत के निर्देशों के मद्देनज़र की गई। इस दौरान कुछ समर्थकों ने विरोध भी किया, जिससे मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।