नई दिल्ली: 30 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। इस उम्र के बाद मांसपेशियों के कम होने, हड्डियों के कमजोर पड़ने, हार्मोन में बदलाव और ब्लड शुगर बढ़ने जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। फिटनेस एक्सपर्ट श्वेतांबरी शेट्टी के मुताबिक, खानपान में प्रोटीन की कमी भी इन समस्याओं को बढ़ाने वाली वजहों में शामिल हो सकती है। भारतीय भोजन में अक्सर कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक और प्रोटीन कम होता है। ऐसे में रोज की डाइट में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करना मांसपेशियों की मजबूती और शरीर को फिट रखने के लिए जरूरी माना जाता है।
श्वेतांबरी शेट्टी के मुताबिक, 30 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं में हर दशक के दौरान करीब 3 से 8 प्रतिशत तक मांसपेशियों का नुकसान हो सकता है। मेनोपॉज के बाद यह प्रक्रिया और तेज हो सकती है। शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन मांसपेशियों को सुरक्षित रखने में मदद करता है, लेकिन मेनोपॉज के बाद इसका स्तर कम होने लगता है। इसका असर मांसपेशियों पर भी पड़ सकता है।
ऐसे में डाइट में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करने से मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा यह हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने, वजन नियंत्रित करने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर रखने में भी भूमिका निभाता है।
पनीर प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत माना जाता है। यह मांसपेशियों और हड्डियों की सेहत के लिए उपयोगी हो सकता है। करीब 100 ग्राम पनीर में लगभग 18 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। खासतौर पर शाकाहारी महिलाओं के लिए पनीर रोजाना की डाइट में प्रोटीन बढ़ाने का आसान विकल्प हो सकता है।
जो महिलाएं डेयरी उत्पाद नहीं लेतीं या वीगन डाइट फॉलो करती हैं, उनके लिए टोफू प्रोटीन का एक विकल्प हो सकता है। यह सोयाबीन के दूध से तैयार किया जाता है और पौधों से मिलने वाला प्रोटीन उपलब्ध कराता है।
अंडा भी प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों में शामिल है। एक अंडे में करीब 6 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। ऐसे में दो अंडे खाने से लगभग 12 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है। अंडे की जर्दी में विटामिन डी भी पाया जाता है, जो शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है।
अगर आप अंडा नहीं खाती हैं तो सोयाबीन को डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। यह शाकाहारी भोजन में प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के लिए एक दिन में करीब 30 ग्राम सोयाबीन का सेवन किया जा सकता है।
दाल, चना, छोले और राजमा जैसे खाद्य पदार्थों में भी अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। रोजाना एक कटोरी पकी हुई दाल से करीब 11 से 15 ग्राम तक पौधों से मिलने वाला प्रोटीन प्राप्त हो सकता है। इसे नियमित भोजन का हिस्सा बनाकर डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।
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