नेपाल: नेपाल में आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। चीन सीमा से सटे रासुवा जिले में भोटेकोशी नदी के उफान ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस विनाशकारी बाढ़ में अब तक 165 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बाद सामने आई तस्वीरों और लोगों की दर्दनाक कहानियों ने हर किसी को झकझोर दिया है।
भयानक बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए सुरक्षाकर्मी लगातार जुटे हुए हैं। नेपाल-चीन सीमा की ओर से आई इस आपदा ने कई परिवारों को पलभर में तबाह कर दिया। कई लोगों ने अपनी आंखों के सामने अपने घर, सामान और अपनों को खो दिया।
नेपाल में आई बाढ़ के बाद कई परिवारों के पास अब कुछ भी नहीं बचा है। प्रभावित लोगों में शामिल दीपिका ने बताया कि बाढ़ सुबह करीब साढ़े नौ बजे आई, उस समय वह घर में बर्तन धो रही थीं।
हालात इतनी तेजी से बदले कि किसी को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला। उन्होंने तुरंत अपने परिवार को फोन किया और सभी लोग घर की छत पर पहुंच गए। इस तरह उनकी जान तो बच गई, लेकिन घर का पूरा सामान पानी और मलबे में बह गया।
दीपिका के मुताबिक, बाढ़ के बाद घर का निचला हिस्सा पूरी तरह मलबे से भर गया। घर में रखा हर सामान मिट्टी में दब गया। अब उनके पास सिर्फ वही कपड़े बचे हैं, जो उन्होंने पहन रखे हैं। पीने के लिए पानी तक की व्यवस्था नहीं बची है।
नेपाल और तिब्बत सीमा पर आई इस भीषण बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। इनमें भारतीय मूल का एक अमेरिकी दंपती भी शामिल है, जो कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहा था।
लापता दंपती की पहचान 60 वर्षीय दीपक आहूजा और 57 वर्षीय मधु आहूजा के रूप में हुई है। दोनों अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया कार्ड भी है।
परिवार के अनुसार, आखिरी बार दोनों को तिब्बत के सागा इलाके में देखा गया था। इसके बाद उनका समूह नेपाल सीमा की ओर रवाना हुआ था। कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद वे नेपाल के रास्ते वापस लौट रहे थे।
रासुवा जिले में भोटेकोशी नदी का पानी अचानक तेज रफ्तार के साथ आया और देखते ही देखते कई बस्तियां इसकी चपेट में आ गईं। पानी के साथ आए मलबे ने घरों, सड़कों और इमारतों को भारी नुकसान पहुंचाया।
सामने आए वीडियो में दिख रहा है कि लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ ही देर में पुल, सड़कें और आसपास बने मकान पानी के तेज बहाव में बह गए।
बाढ़ का बहाव इतना तेज था कि लोगों को सुरक्षित जगहों तक पहुंचने का समय तक नहीं मिला। फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रशासन प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने में जुटा हुआ है।
नेपाल और तिब्बत में आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद कई इलाकों में सिर्फ तबाही के निशान दिखाई दे रहे हैं। रासुवा जिले और आसपास के क्षेत्रों में पहाड़ों से आया पानी अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को बहा ले गया।
भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के किनारे बसे इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। कई जगह पेड़ उखड़ गए, पुल टूट गए और बड़ी-बड़ी इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं।
नेपाल की सेना की ओर से जारी वीडियो में भी तबाही का भयावह मंजर दिखाई दे रहा है। जहां कुछ समय पहले सड़कें और बस्तियां थीं, वहां अब पानी और मलबा फैला हुआ है।
नेपाल बाढ़ के बीच एक रेस्क्यू वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक किशोर को हेलीकॉप्टर की मदद से बचाते हुए देखा जा सकता है।
बताया जा रहा है कि बाढ़ के पानी के बीच किशोर अपने घर की छत पर फंस गया था। चारों तरफ मलबा फैला हुआ था और वह मदद का इंतजार कर रहा था।
रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर सूझबूझ दिखाई। हेलीकॉप्टर के पास पहुंचने के बाद किशोर को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना का वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
नेपाल में आई इस बाढ़ की भयावहता सैटेलाइट तस्वीरों में भी दिखाई दे रही है। तस्वीरों में आपदा से पहले और बाद के हालात की तुलना की गई है।
रासुवा जिले और आसपास के इलाकों में घर, सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। कई गांवों में तबाही के बाद हालात बेहद खराब हैं।
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, रासुवा जिले में आई बाढ़ के बाद 500 से ज्यादा विदेशी नागरिक लापता हैं, जिनमें बड़ी संख्या में पर्यटक शामिल हैं। वहीं, बाढ़ का असर भारत के कुछ इलाकों पर भी पड़ सकता है, जिसे देखते हुए बिहार और उत्तर प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है।
नेपाल के त्रिशूली बाजार के एक दुकानदार ने बाढ़ की भयावहता बताते हुए कहा कि पानी इतनी तेजी से आया कि किसी को कुछ समझने का मौका नहीं मिला।
उन्होंने बताया कि इस तबाही में उनकी पत्नी और 18 साल का बेटा लापता हो गए। उनके अनुसार, जब बाढ़ आई तब इलाके में बारिश भी नहीं हो रही थी। लोग रोज की तरह अपने काम में लगे हुए थे, लेकिन अचानक आए पानी के सैलाब ने सब कुछ खत्म कर दिया।
उन्होंने कहा कि सड़कें और पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और ऐसा लग रहा है जैसे कुछ बचा ही नहीं है। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
लखनऊ। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया बयानों को लेकर…
नई दिल्ली।अगर किसी आम व्यक्ति पर बैंक का 100 रुपये का कर्ज हो और वह…
नई दिल्ली: चीन के हांगझोउ शहर से कार्यस्थल पर कर्मचारियों के साथ कथित व्यवहार का…
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के गंगा एक्सप्रेसवे पर मरम्मत किए गए हिस्से में दोबारा दरारें दिखाई…
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अभी कुछ महीने दूर हैं, लेकिन सियासी सरगर्मी तेज…
नई दिल्ली: विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'राणाबाली' का इंतजार कर रहे…