नई दिल्ली: चीन के हांगझोउ शहर से कार्यस्थल पर कर्मचारियों के साथ कथित व्यवहार का एक मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। आरोप है कि एक महिला कर्मचारी के रोजाना का लक्ष्य पूरा नहीं होने पर उसके मैनेजर ने जुर्माना भरने या उठक-बैठक करने का विकल्प दिया। आर्थिक तंगी के चलते महिला ने उठक-बैठक करना चुना, लेकिन इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ दिनों बाद अस्पताल में उसे गंभीर मांसपेशी संबंधी बीमारी का पता चला।
रिपोर्ट के मुताबिक महिला, जिसकी पहचान यांग उपनाम से हुई है, जून में हांगझोउ की एक लोन सहायता कंपनी में वित्तीय सलाहकार के तौर पर काम करने लगी थी। हालांकि उसका रोजमर्रा का काम मुख्य रूप से टेली-सेल्स से जुड़ा था।
आरोप है कि कर्मचारियों के लिए प्रतिदिन 200 कॉल करने, कम से कम एक संभावित ग्राहक जोड़ने और एक इच्छुक ग्राहक तैयार करने का लक्ष्य तय किया गया था। 28 जुलाई को लक्ष्य पूरा नहीं होने पर महिला के सामने हर अधूरे कार्य पर 50 युआन जुर्माना या 100 उठक-बैठक करने का विकल्प रखा गया।
महिला का कहना है कि उसके पास जुर्माना भरने के लिए पैसे नहीं थे। दो लक्ष्य पूरे नहीं होने के कारण उसे कुल 200 उठक-बैठक करनी पड़ी। उसने अलग-अलग जगहों पर उठक-बैठक करते हुए वीडियो रिकॉर्ड किए और उन्हें अपने वरिष्ठ अधिकारी को भेजा।
रिपोर्ट के अनुसार उठक-बैठक पूरी करने के बाद महिला के पैरों में तेज दर्द शुरू हो गया और उसे चलने-फिरने में भी दिक्कत होने लगी। आर्थिक कारणों से उसने तुरंत अस्पताल का रुख नहीं किया।
करीब पांच दिन बाद जब उसके पेशाब का रंग सामान्य से अधिक गहरा दिखाई दिया तो वह जांच के लिए अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को गंभीर बताया।
जांच में महिला को रैब्डोमायोलिसिस नाम की बीमारी होने की जानकारी मिली। यह स्थिति तब पैदा हो सकती है जब मांसपेशियों को अत्यधिक नुकसान पहुंचता है और उनके भीतर मौजूद पदार्थ तेजी से खून में पहुंचने लगते हैं। गंभीर मामलों में इसका असर किडनी पर भी पड़ सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक महिला के शरीर में क्रिएटिन किनेज का स्तर 16,000 यू/एल से अधिक पाया गया। डॉक्टरों ने उसे आराम करने और कुछ समय तक भारी शारीरिक गतिविधियों से दूर रहने की सलाह दी।
महिला ने बताया कि इलाज पर करीब 1,400 युआन, यानी लगभग 20 हजार रुपये खर्च हुए। स्वास्थ्य खराब होने के कारण उसने 30 जुलाई को नौकरी छोड़ दी।
इसके बाद उसने अपने मैनेजर से इलाज, आने-जाने का खर्च और 15 हजार युआन, यानी करीब 2.1 लाख रुपये मुआवजे की मांग की। हालांकि मैनेजर ने इसकी जिम्मेदारी स्वीकार करने से इनकार करते हुए कानूनी रास्ता अपनाने की बात कही।
महिला ने स्थानीय श्रम निरीक्षण विभाग में शिकायत दर्ज कराई है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
इस घटना के सामने आने के बाद चीन में कार्यस्थल की संस्कृति और कर्मचारियों पर लक्ष्य का दबाव को लेकर बहस तेज हो गई है। श्रम नियमों के तहत कर्मचारियों को अपमानित करने या शारीरिक दंड देने की अनुमति नहीं है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस मामले को कर्मचारियों पर बढ़ते दबाव और कार्यस्थल के माहौल से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
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