संसद के मानसून सत्र में गतिरोध खत्म होने के आसार फिलहाल कम नजर आ रहे हैं। बुधवार, 12 अगस्त को भी राम मंदिर चढ़ावा चोरी, छात्र आंदोलन और FCRA संशोधन बिल को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्ष जहां राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा गबन के मामले पर सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सरकार FCRA संशोधन बिल को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
लोकसभा में सरकार आज Foreign Contribution Regulation Act (FCRA) संशोधन बिल पेश कर सकती है। इसके साथ ही बिल को आगे की जांच और विचार के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। विपक्ष की कई पार्टियां इस बिल का विरोध कर रही हैं।
संसद में फिर हंगामे के आसार
मानसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन और अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित चोरी का मामला विपक्ष के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
विपक्ष की मांग है कि इन मामलों पर सरकार सदन में चर्चा करे और संबंधित सवालों का जवाब दे। दूसरी ओर, सरकार ने कई मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार होने का संकेत दिया है। ऐसे में आज भी सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने को लेकर संशय बना हुआ है।
‘गृह मंत्री सदन में आएं और जवाब दें’
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गृह मंत्री का सदन में आना उनका संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने छात्र आंदोलन के दौरान हुई कार्रवाई और राम मंदिर से जुड़े चंदे के मामले पर सरकार से जवाब देने की मांग की।
प्रमोद तिवारी ने कहा कि सरकार को छात्रों पर हुए कथित अत्याचार और चंदे से जुड़े मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
FCRA बिल पर SP का विरोध
समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने FCRA संशोधन बिल को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह बिल नहीं लाया जाना चाहिए।
राम गोपाल यादव के मुताबिक, झारखंड, गुजरात और देश के कई आदिवासी इलाकों में मिशनरी और NGO लंबे समय से शिक्षा और अन्य सामाजिक कार्यों में योगदान दे रहे हैं। उनका तर्क है कि विदेशी फंडिंग पर ज्यादा सख्ती से इन संस्थाओं की गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं और गरीब लोगों को मिलने वाली सुविधाओं पर असर पड़ सकता है।
सरकार JPC के जरिए आगे बढ़ा सकती है बिल
FCRA संशोधन बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। सरकार बिल को लोकसभा में पेश करने के बाद इसे Joint Parliamentary Committee (JPC) को भेजने का प्रस्ताव रख सकती है।
JPC में विभिन्न दलों के सांसद शामिल होते हैं और समिति बिल के प्रावधानों की विस्तार से जांच कर अपनी रिपोर्ट देती है। विपक्ष की आपत्तियों के बीच सरकार के इस कदम को सहमति बनाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा क्यों अहम?
विपक्ष अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा/चंदा गबन के मामले को लगातार उठा रहा है। विपक्षी सांसद इस मुद्दे पर सरकार से जवाब और कार्रवाई की जानकारी मांग रहे हैं।
इस मुद्दे के साथ छात्र आंदोलन का मामला भी संसद में राजनीतिक टकराव का कारण बना हुआ है। विपक्ष दोनों मामलों पर चर्चा की मांग कर रहा है।
आज संसद में किन मुद्दों पर नजर?
बुधवार की कार्यवाही में मुख्य रूप से इन मुद्दों पर नजर रहेगी:
- FCRA संशोधन बिल लोकसभा में पेश होता है या नहीं
- सरकार इसे JPC के पास भेजने का प्रस्ताव रखती है या नहीं
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर विपक्ष का रुख
- छात्र आंदोलन को लेकर सरकार का जवाब
- विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही कितनी चल पाती है
- सरकार और विपक्ष के बीच किसी मुद्दे पर सहमति बनती है या नहीं
संसद सत्र : टकराव के बीच आज क्या होगा?
मानसून सत्र के बीच सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर मतभेद साफ नजर आ रहे हैं। एक तरफ सरकार विधायी कामकाज आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा मामले और छात्र आंदोलन जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग पर कायम है। ऐसे में 12 अगस्त की संसद कार्यवाही हंगामेदार रहने के आसार हैं।