ब्राजील की पहाड़ियों के बीच बसा यह खूबसूरत कस्बा अपनी एक अनोखी विशेषता के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां की आबादी में महिलाओं का दबदबा है और सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहां 20 से 35 साल की करीब 600 युवतियां ऐसी हैं, जिन्हें अपनी पसंद का वर नहीं मिल पा रहा।
इस ‘अजीब’ समस्या के पीछे कोई अभिशाप नहीं, बल्कि इस गांव के कुछ कड़े नियम और परंपराएं हैं:
रिश्तेदारों का जमावड़ा: गांव में जो गिने-चुने पुरुष हैं, वे या तो पहले से शादीशुदा हैं या फिर इन लड़कियों के करीबी रिश्तेदार (भाई-भतीजे) लगते हैं। ऐसे में गांव के भीतर मैच मिलना नामुमकिन है।
यहां की लड़कियां शादी के बाद अपना घर छोड़कर कहीं नहीं जाना चाहतीं। उनकी शर्त बड़ी साफ है— “शादी करनी है तो दूल्हे को हमारे गांव आकर रहना होगा।”
इस कस्बे की महिलाएं बाहरी दुनिया के पितृसत्तात्मक नियमों को नहीं मानतीं। वे अपनी शर्तों पर जिंदगी जीती हैं और चाहती हैं कि आने वाला पुरुष भी उनके बनाए नियमों का पालन करे।
इस गांव की नींव ही विद्रोह पर रखी गई थी। 1891 में मारिया सेनहोरिना डी लीमा नाम की महिला को उनके परिवार और चर्च से इसलिए निकाल दिया गया था क्योंकि उन्होंने अपनी मर्जी की जिंदगी चुनी थी। इसके बाद उन्होंने इस समुदाय की स्थापना की।
1995 में यहां की महिलाओं ने सामूहिक रूप से तय किया कि वे पुरुषों द्वारा थोपे गए नियमों को पूरी तरह नकार देंगी। तब से यह गांव पूरी तरह से महिलाओं द्वारा ही संचालित होता है खेती-बाड़ी से लेकर प्रशासन तक।
नोइवा दो कोरडेएरो की लड़कियां दिखने में बेहद खूबसूरत और स्वावलंबी हैं। वे प्यार और शादी तो करना चाहती हैं, लेकिन अपनी आजादी की कीमत पर नहीं। उनका मानना है कि महिलाएं पुरुषों से बेहतर प्रबंधन कर सकती हैं और उनका गांव इस बात का जीता-जागता सबूत है कि बिना पुरुषों के हस्तक्षेप के भी एक समाज खुशहाल रह सकता है।
इस गांव में शादीशुदा पुरुष और वयस्क बेटे भी रहते हैं, लेकिन उन्हें हफ्ते के दौरान गांव से बाहर काम करना पड़ता है। उन्हें सिर्फ वीकेंड पर ही गांव में आने की अनुमति दी जाती है।
क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जो इस खूबसूरत गांव का ‘घर जमाई’ बनने के लिए तैयार हो? शर्त बस इतनी है कि हुक्म सिर्फ महिलाओं का चलेगा!
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस…
नई दिल्ली: लोक गायिका नेहा सिंह राठौर ने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं…
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस…
नई दिल्ली: मानसून के मौसम में बढ़ी हुई नमी का असर सिर्फ दीवारों और फर्नीचर…
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से रिश्तों को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है।…
नई दिल्ली: बाढ़ के बीच एक बेटे की हिम्मत और अपने माता-पिता के प्रति समर्पण…